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अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष पर सीबीसी गोवा की मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का समापन

छात्रों ने इस प्रदर्शनी में मिलेट्स के व्यंजनों से दर्शकों का मन मोहा

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नई दिल्ली, 4मार्च। केंद्रीय संचार ब्यूरो, गोवा की अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष पर आधारित मल्टीमीडिया प्रदर्शनी कल समाप्त हो गई। इस 4 दिवसीय प्रदर्शनी को खासी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली क्योंकि कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ों की तादाद में लोगों की उपस्थिति देखी गई। यहां पर जो प्रमुख आकर्षण थे उनमें मिलेट्स पर जानकारीपरक वीडियो और चित्र, आईसीएआर-केंद्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा लगाया एक स्टॉल और मिलेट्स के व्यंजनों की प्रतियोगिता शामिल थी।

गोवा को राज्य में अपनी शत प्रतिश नवीकरणीय ऊर्जा योजना को लागू करने के लिए 2050 तक 1.30 लाख करोड़ रुपये (लगभग) के निवेश की आवश्यकता होगी और गोवा राज्य ऊर्जा कार्य योजना के अनुसार इसमें प्रत्यक्ष रूप से 15,000 नौकरियां पैदा करने की क्षमता है साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से इससे कई अधिक संख्या में रोजगार सृजित हो सकता है।

ये व्यंजन प्रतियोगिता यहां का एक प्रमुख आकर्षण साबित हुई क्योंकि इसमें गोवा कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के 40 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रीति नाइक ने अपने ग्लूटन फ्री ज्वार केक के साथ पहला पुरस्कार जीता। रिया वाज़ अपने व्यंजन टिज़ान के कारण दूसरे स्थान पर रहीं, जो कि फिंगर मिलेट से बना गोवा का नाश्ता दलिया है। प्रतिभागियों और आगंतुकों के लिए यहां मिलेट्स के व्यंजनों की इतनी विस्तृत श्रंखला एक उत्साहजनक चीज साबित हुई।

गोवा सरकार के कृषि निदेशालय के निदेशक नेविल अल्फोंसो ने अपनी मौजूदगी से इस प्रदर्शनी की शोभा बढ़ाई और मिलेट्स को हमारे दैनिक आहार में शामिल करने के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मिलेट्स की खेती का विस्तार करने के लिए गोवा कृषि विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जागरूकता पैदा करना उनके विभाग के लिए एक प्राथमिकता का क्षेत्र है क्योंकि राज्य सरकार की योजना बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष मनाने की है।

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तरी गोवा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) निधिन वलसन द्वारा किया गया, जो खुद एक ट्रायथलॉन एथलीट और कैंसर सरवायवर हैं। एसपी निधिन वलसन ने सभी से आग्रह किया कि एक स्वस्थ कल के लिए अपने आहार में मिलेट्स को शामिल करें, जैसा कि उन्होंने भी किया और रोजाना रागी माल्ट डिनर उनके स्वास्थ्य में बदलाव का अभिन्न अंग था। आईसीएआर-केंद्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार ने इस अवसर पर समझाया कि मिलेट्स कितना मजबूत और उगाने में आसान अन्न है।

इस चार दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के साल भर चलने वाले उत्सव के हिस्से के रूप में किया गया था।

मिलेट्स एक पारंपरिक अनाज है, जिसे भारतीय उपमहाद्वीप में उगाया और खाया जाता है। मिलेट्स घास परिवार से संबंधित छोटे दाने वाले, साल भर के, गर्म मौसम वाले अनाज हैं। अन्य लोकप्रिय अनाजों की तुलना में वे वर्षा आधारित, कठोर अनाज होते हैं जिनमें पानी और उर्वरता की कम आवश्यकता होती है। वर्तमान में 130 से अधिक देशों में उगाए जाने वाले मिलेट्स को पूरे एशिया और अफ्रीका में आधे अरब से अधिक लोगों के लिए पारंपरिक भोजन माना जाता है। भारत के एक प्रस्ताव के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है। ऐसे वक्त में जब वैश्विक कृषि खाद्य प्रणाली लगातार बढ़ती वैश्विक आबादी का पेट भरने में चुनौतियों का सामना कर रही है, तब मिलेट्स जैसा मजबूत अनाज एक किफायती और पौष्टिक विकल्प प्रदान करता है, और इसकी खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता है। अप्रैल 2018 में मिलेट्स को “न्यूट्री अनाज” के रूप में फिर से ब्रांड किया गया, इसके बाद 2018 को राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर इसका प्रचार करना और इसकी मांग पैदा करना था। 2021-2026 के बीच की पूर्वानुमान अवधि के दौरान वैश्विक मिलेट्स बाजार में 4.5% का सीएजीआर दर्ज होने का अनुमान है।