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भारतीय नौसेना को पहली बार निजी तौर पर निर्मित एएसडब्ल्यू रॉकेट का स्वदेशी फ्यूज सौंपा गया

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नई दिल्ली, 4मार्च। भारतीय नौसेना को एक निजी भारतीय उद्योग द्वारा पहली बार निर्मित अंडरवाटर रॉकेट आरजीबी 60 के लिए पूरी तरह से स्वदेशी फ्यूज वाईडीबी-60 प्राप्त हुआ।

आयुध और गोला-बारूद में आत्मनिर्भरता को प्रमुखता से बढ़ावा देने के लिए, भारतीय नौसेना ने पहली बार एक निजी निर्माता मैसर्स इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड (ईईएल), नागपुर से प्रमुख युद्धपोतों में उपयोग किए जाने वाले अंडरवाटर एंटी सबमरीन वारफेयर (एएसडब्‍ल्‍यू) रॉकेट आरजीबी-60 के लिए पूरी तरह से स्वदेशी फ़्यूज़ वाईडीबी-60 प्राप्त किया। यह पहली बार होगा, जब भारतीय नौसेना ने किसी भारतीय निजी उद्योग को अंडरवाटर एम्यूनिशन फ्यूज़ के लिए आपूर्ति का ऑर्डर दिया है।

मेसर्स ईईएल, नागपुर के सीएमडी सत्यनारायण नुवाल ने वाइस एडमिरल एसएन घोरमाडे, वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (वीसीएनएस) को फ्यूज की पहली खेप सौंपी।

इस अवसर पर, वीएडीएम घोरमाडे ने कहा कि “हथियार और गोला-बारूद के निर्माण में निजी उद्योगों की बढ़ती भागीदारी सराहनीय है और यह सशस्त्र बलों की आत्मनिर्भरता में एक प्रमुख प्रोत्‍साहन है। निजी उद्योग द्वारा इस तरह के फ़्यूज़ के विकास और निर्माण के लिए पहली बार कृत्रिम गतिशील परीक्षण सुविधाओं का उपयोग करना देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”

भारत में आत्मनिर्भरता के लक्ष्‍य में गोला-बारूद और फ़्यूज़ के निर्माण के लिए एक जीवंत इकोसिस्‍टम बनाने की दिशा में निर्माता को सभी तकनीकी सहायता नौसेना आयुध महानिदेशालय (डीजीओएनए) और नौसेना आयुध निरीक्षण महानिदेशालय (डीजीएनएआई), भारतीय नौसेना द्वारा प्रदान की गई है।