
आगामी बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाने और उन्हें आम आदमी की पहुंच में लाने के लिए अहम प्रविधान हो सकते हैं। आर्थिक सर्वेक्षण में इसके साफ संकेत दिए गए हैं। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र पर बजट आवंटन को जीडीपी के मौजूदा एक फीसद से बढ़ाकर 2.5 से तीन फीसद करने की जरूरत बताई गई है। इसके साथ ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए टेलीमेडिसिन जैसे डिजिटल प्लेटफार्म को बड़े पैमाने पर अपनाने की सिफारिश की गई है।