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यूरोप और कनाडा के किशोरों में वैक्सीन के इस्तेमाल को मॉडर्ना इंक ने मांगी मंजूरी

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वाशिंगटन, 08 जून (हि.स.)। कोरोना वैक्सीन बनाने वाली अमेरिका की कंपनी मॉडर्ना इंक ने टीके को यूरोप के किशोरों (12 से 17 साल के बच्चों) में इस्तेमाल करने की मंजूरी मांगी है। इस संबंध में अमेरिकी कंपनी ने यूरोपीय और कनाडाई हेल्थ रेगुलेटर्स को आवेदन भेजा है। कंपनी इसके अलावा 12 से 17 साल के किशोरों में टीके के आपात इस्तेमाल के लिए अमेरिका और विश्व के अन्य देशों के पास प्रस्ताव भेजने का विचार कर रही है।

मॉडर्ना कंपनी की वैक्सीन का इस्तेमाल फिलहाल अमेरिका, यूरोप और कनाडा में 18 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों पर किया जा रहा है।

विश्व में कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों के प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर किशोरों के वैक्सीन को जरूरी बताया जा रहा है। अभी तक दुनिया में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों में बच्चों पर इसका दुष्प्रभाव कम रहा है।

ज्ञात रहे कि यूरोपीय संघ ने कोरोना वैक्सीन को 12 साल से कम उम्र के बच्चों में इस्तेमाल के लिए पिछले माह फाइजर और जर्मन पार्टनर बायोएनटेक को मंजूरी दे दी थी। मॉडर्ना की वैक्सीन को 12 से 17 साल के किशोरों में प्रभावकारी देखा गया था, ये परिक्षण 3,732 किशोरों को वैक्सीन लगाकर किया गया था। इसमें कोई समस्या नहीं दिखाई दी थी।

अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना इंक के मुताबिक उसने मध्य पूर्वी यूरोप और इजरायल के बाजारों में कंपनी की कोरोना वैक्सीन का व्यवसायीकरण करने के लिए वहां की कंपनी मेडिसन फार्मा के साथ साझेदारी की है।