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पक्के घर से हुये गुलजार, पीवीटीजी के दो परिवार

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घर हो अपना – पूरा हुआ सपना

पक्के घर से हुये गुलजार, पीवीटीजी के दो परिवार

भोपाल

कोई मकान, उसमें रहने वाले लोगों की खुशहाली से ही 'घर' बनता है। कुछ लोग ऐसे सपने पूरे कर लेते हैं, पर कुछ को अपना घर पाने के लिये थोड़ी जद्दोजहद करनी पड़ती है।

अनूपपुर जिले के दो बैगा परिवार भी अपने घर के सपने को दिल में लिये जी रहे थे। चाहते तो वे भी थे, कि जल्द से जल्द उनका भी अपना पक्का घर बन जाये, पर उनके हालात इतने अच्छे नहीं थे। ऐसे में पीएम जन-मन योजना उनके जीवन में वरदान बनकर सामने आई। ये बैगा परिवार, जो पहले कच्चे झोपड़ीनुमी घरों में रहते थे, अब उनके पास खुद का पक्का घर है। दोनों परिवार अपने घरों में खुशी-खुशी रह रहे हैं।

अनूपपुर जिले में पुष्पराजगढ़ विकासखण्ड है। इस विकासखण्ड की ग्राम पंचायत है फर्रीसेमर और इसी ग्राम पंचायत का पोषक ग्राम है जोहिला बांध। श्रीमती कुन्ती बाई पति दानीराम बैगा जोहिला बांध गांव में ही रहती हैं। बैगा जनजाति विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आती है। पीवीटीजी के समग्र कल्याण के लिये केन्द्र सरकार की पीएम जन-मन योजना के जरिये इन्हें अनेक लाभ दिये जा रहे हैं। इस योजना में सभी पीवीटीजी परिवारों को पक्का मकान बनवाकर दिया जा रहा है। योजना में पात्र हितग्राही होने पर कुन्ती बाई बैगा को पक्का घर बनाकर दे दिया गया है।

फर्रीसेमर गांव की कुन्ती बाई के साथ श्रीमती रामकली बैगा को भी पीएम जन-मन से पक्का घर मिल गया है। दोनों बैगा महिलाओं के परिवारों को एक साथ पक्के घर की सौगात मिली है। यह योजना पीवीटीजी (बैगा) परिवारों को सम्मानजनक तरीके से सुरक्षित आवास ( Safe and Secure Housing ) प्रदान करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है। सालों से कच्ची झोपड़ी में गुजर-बसर करने वालों को पक्का घर बनाकर देने और इसमें बिजली पहुंचाने के लिये हस योजना में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम जारी है। पक्के घरों से अब इन बैगा परिवारों को कई प्रकार की बारहमासी कठिनाईयों से हमेशा के लिये निजात मिल गई है। पक्के घरों के अलावा इन बैगा परिवारों को अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।