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संसद में वक्फ बिल पेश किए जाने को लेकर मुस्लिम समाज में खासा उत्साह, मुस्लिम महिलाएं हाथ में ‘शुक्रिया मोदीजी’ के पोस्टर थामे सड़क पर उतरीं

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भोपाल

मध्य प्रदेश के भोपाल में मुस्लिम समाज के कई लोग वक्फ संशोधन बिल का समर्थन कर रहे हैं। भोपाल में कई छोटे-छोटे मुस्लिम संगठनों ने इस बिल के सपोर्ट में रैलियां निकाली। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं हाथ में 'शुक्रिया मोदीजी' के पोस्टर थामे सड़क पर उतरीं। खास बात यह है कि मुस्लिम समाज की महिलाओं ने भी इस बिल का समर्थन किया और हाथों में पोस्टर और फूल लेकर पीएम मोदी को धन्यवाद दिया।

बता दें कि लोकसभा में आज वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू बिल को सदन के पटल पर रखेंगे। इसके बाद बिल पर चर्चा शुरू होगी। सरकार की कोशिश आज ही बिल को लोकसभा से पास कराने की है जिसके बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

ढोल बाजे के साथ की आतिशबाजी

इससे पहले आज भोपाल के हताई खेड़ा डैम के पास आनंदपुरा कोकता के मुस्लिम समाज के लोग इकट्ठा हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैनर-पोस्टर लेकर आभार जताया। मुस्लिम समाज की खुशी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि यहां लोग जमकर ढोल बजाकर आतिशबाजी भी कर रहे हैं।

वक्फ बिल को लेकर भोपाल में जश्न

राजधानी भोपाल में वक्फ बोर्ड अमेंडमेंट बिल और पीएम मोदी के समर्थन में जश्न. ईद जैसा माहौल मुस्लिम समुदाय ने जाहिर की खुशी. बड़ी संख्या में पुरूष, बुजुर्ग महिलाएं निकले घर से बाहर. रहमत मस्जिद के सामने आतिशबाजी के साथ ढोल नगाड़ों पर झूमते नजर आए लोग. महिलाएं बोली यह हमारे हित में, दिल से मोदी जी के साथ हैं. हाथों में गुलाब, थैंक्यू मोदी जी , वी स्पोर्ट मोदी जी के पोस्टर लेकर जमकर जश्न.

नए वक्फ बिल में क्या है?

मौजूदा सरकार ने अपने सहयोगी दलों की मांग को स्वीकार करते हुए नए बिल में कई परिवर्तन किए हैं, जैसे 5 वर्षों तक इस्लाम धर्म का पालन करने वाला ही वक्फ को अपनी संपत्ति दान कर सकेगा। दान की जाने वाली संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद होने पर उसकी जांच के बाद ही अंतिम फैसला होगा। इसके साथ ही पुराने कानून की धारा 11 में संशोधन को भी स्वीकार कर लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि वक्फ बोर्ड के पदेन सदस्य चाहे वह मुस्लिम हों या गैर मुस्लिम, उसे गैर मुस्लिम सदस्यों की गिनती में शामिल नहीं किया जाएगा। इसका अर्थ यह कि वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की संख्या बढ़ सकती है।