क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में राजनीतिक मामलों पर मतभेद भुलाकर उदारवादी तरीके से मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए- अमित शाह
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को बिहार की राजधानी पटना में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की

नई दिल्ली, 11दिसंबर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को बिहार की राजधानी पटना में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमारऔरझारखंड, ओड़ीशा, पश्चिम बंगाल और बिहार के वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। बैठक में अंतर राज्य परिषद सचिवालय की सचिव, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव और राज्य सरकारों तथा केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्वी क्षेत्र देश की सांस्कृतिक राजधानी होने के साथ ही प्राचीन काल से आज तक अनेक प्रमुख शिक्षण संस्थानों का केन्द्र रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में ढेर सारे प्रयोग हुए और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूर्वी क्षेत्र के बच्चे ही सबसे ज्यादा सफल होते हैं।गृह मंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वी क्षेत्र ने समग्र देश के औद्योगिक विकास की नींव रखी हैऔरआज़ादी से पहले और बाद इस क्षेत्र के अनेक राष्ट्र भक्तों ने देश के पुनर्विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।यह क्षेत्र खनिज संपदा और पानी से संपन्न है और बिहार, उड़ीसा, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों ने पूरे देश की जरूरतों के लिए लगभग सभी खनिज संसाधन उपलब्ध कराए हैं।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने का जो विजन दिया है पिछले 9 साल में उसे चरितार्थ भी किया है। नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की संख्या में हुई बढोत्तरी के आंकडे देते हुए गृह मंत्री ने बताया कि 2004 से मई 2014 तक क्षेत्रीय परिषदों और इनकी स्थायी समितियों की बैठकों की कुल संख्या मात्र 25 थी और इस दौरान हर वर्ष औसतन 2.7 बैठकें आयोजित हुई। लेकिन वर्ष जून 2014 से अब तक पिछले 9 वर्षों में, कोविड-19 महामारी के बावजूद, क्षेत्रीय परिषदों और इनकी स्थायी समितियों की कुल 56 बैठकें हुई और हर साल औसतन 6.2 बैठकें आयोजित हुई।इस वर्ष अभी तक कुल 9 बैठकें हुई हैं जिसमें क्षेत्रीय परिषदों की चार और स्थायी समितियों की पाँच बैठकें शामिल है। उन्होंने कहा कि बैठकों की संख्या में दोगुनी से अधिक बढोत्तरी प्रधानमंत्री मोदी जी के टीम इंडिया कॉन्सेप्ट को उद्घोषित करती हैं।