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बिहार के RLJP छोड़ BJP के हुए सुनील पांडे, मोदी सरकार के पूर्व मंत्री पशुपति पारस को जोर का झटका

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पटना
बिहार के बाहुबली नेताओं में शुमार पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार पांडे उर्फ सुनील पांडे फाइनली बीजेपी में शामिल हो गए हैं। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। सुनील पांडे के साथ उनके बेटे विशाल प्रशांत और बड़ी संख्या में समर्थकों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता हासिल की। सुनील पांडे बक्सर के तरारी विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रहे। लेटेस्ट परिसीमन से पहले इसे पीरो विधानसभा सीट के रूप में जाना जाता था। इससे पहले सुनील पांडे ने आरएलजेपी की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। उनका बीजेपी में शामिल होना मोदी सरकार के पूर्व मंत्री पशुपति कुमार पारस और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल सुनील पांडे के बल पर ही आरएलजेपी ने बिहार विधानसभा के आसन्न उपचुनाव के लिए तरारी सीट पर दावेदारी ठोका था। माना जा रहा है कि सुनील पांडे के बेटे विशाल पांडे तरारी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

पिछले कई दिनों के कयास के बाद रविवार को पटना में आयोजित मिलन समारोह में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने सुनील पांडे को पार्टी की सदस्यता दिलाई। बिहार में आने वाले विधानसभा उपचुनाव के नजरिए से इसे बड़ा राजनैतिक उठापटक के रूप में देखा जा रहा है। एनडीए में शामिल रालोजपा उपचुनाव की चार सीटों में तरारी सीट पर अपना दावा ठोका था। तब सुनील पांडे पशुपति कुमार पारस की पार्टी में थे। बीजेपी ने सुनील पांडे को अपने साथ मिलाकर पारस को न सिर्फ बड़ा झटका दिया है बल्कि उपचुनाव में उनके दावे को एक झटके में खारिज कर दिया है।

राजनीतिके जानकारों कहना है कि सुनील पांडे के बेटे विशाल प्रशांत का तरारी विधानसभा सीट से उपचुनाव में जाना लगभग तय है। सीपीआई माले के सुदामा प्रसाद के लोकसभा चुनाव लड़ने से सीट खाली हुआ था। मिलन समारोह के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि सुनील भाई से मैनें कहा कि विशाल प्रशांत जैसे युवा की राजनीति में जरूरत है। उन्हें आगे आना चाहिए। वहीं बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद सुनील पांडे ने कहा कि काफी समय से हम एनडीए से विधायक रहे। बीजेपी हमारा पुराना घर है। 2025 में विधानसभा का चुनाव मजबूती से लड़ना है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में अगली सरकार एनडीए की ही बनेगी। बेटे विशाल  के तरारी से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आप समझदार हैं और जनता भी सबकुछ समझ रही है।

सुनील पांडे पहली बार वर्ष 2000 में आरा केे पीरो विधानसभा क्षेत्र के विधायक बने। उन्हें समता पार्टी ने टिकट दिया था। फरवरी 2005 में फिर से मैदान में उतरे और विजयी रहे। लेकिन अक्टुबर 2005 के मध्यावधि चुनाव से पहले ही वे जेडीयू में शामिल रहे। सुनील पांडे चार बार पीरो और तरारी के विधायक रहे। उनका बैकग्राउंड ऐसा रह कि लंबे समय तक उन्हें जेल में भी रहना पड़ा।सुनील पांडे रोहतास से नवाडीह के रहने वाले हैं। जिस शॉर्ट नोटिस में उन्हें बीजेपी में शामिल कराया गया है उससे यह लगता है कि विशाल प्रशांत के लिए तरारी का टिकट फाइनल है।