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मध्यप्रदेश में डिजिटल अरेस्टिंग के नाम पर ठगी करने वालों पर सख्ती, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

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भोपाल
मध्य प्रदेश में अब लोगों को डिजिटल अरस्टिंग के नाम पर लूटने वालों की शामत आ गई है. मध्य प्रदेश के कई जिलों में इसी घटनाओं को लोगों की जागरूकता से रोक दिया गया है. दूसरी तरफ पुलिस ने भी कार्रवाई को तेज कर दिया है. राज्य के नए डीजीपी कैलाश मकवाना ने कई जिलों में हुई कार्रवाई की जमकर तारीफ की है. एमपी में डिजिटल अरस्टिंग के नाम पर लोगों की जीवन भर की कमाई लूटने वाले जालसाजों ने पिछले कुछ समय में जमकर आतंक मचाया है. ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खुद मोर्चा संभालना पड़ा. उन्होंने कुछ समय पहले पुलिस महकमे के आला अधिकारियों की बैठक लेकर डिजिटल अरस्टिंग के मामले के जरिए ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे.

इसका असर अब दिखने भी लगा है. डीजीपी कैलाश मकवाना ने दमोह, इंदौर और सिंगरौली पुलिस की ओर से जालसाजी की वारदात को रोककर पीड़ितों को बचाने पर उनकी जमकर तारीफ की है. डीजीपी ने लोगों को अलर्ट रहने को भी कहा है.

दमोह में स्वास्थ्य कर्मचारी बचा
राज्य के दमोह के सरकारी अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी अनुपम खरे को 2 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करते हुए मुंबई पुलिस के अधिकारी बताने वाले जलसाजों ने रूपों की मांग की, लेकिन जन जागरूकता अभियान के जरिए अनुपम खरे ने रुपये देने से इंकार कर दिया. अनुपम खरे पर डिजिटल अरेस्टिंग करने वाले बदमाशों ने मुंबई के तिलक नगर थाने में 17 मुकदमे दर्ज होने का आरोप लगाया था.

यूपी के दो शातिर को पुलिस ने दबोचा
डिजिटल अरेस्टिंग के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले उत्तर प्रदेश के कन्नौज के रहने वाले दो शातिर बदमाशों को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. सीनियर सिटीजन महिला से 46 लाख रुपये की बदमाशों ने ऑनलाइन ठगी की थी. इस कार्रवाई पर भी डीजीपी ने इंदौर पुलिस की तारीफ की है.