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हरियाणा के साथ भाखड़ा जल विवाद को लेकर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज बुलाया

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चंडीगढ़
 हरियाणा के साथ भाखड़ा जल विवाद को लेकर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज बुलाया गया है। इसमें ताजा हालातों को लेकर चर्चा करते हुए फैसला किया जाएगा। पंजाब का हरियाणा के साथ पिछले कई दिनों से भाखड़ा जल सप्लाई को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 2 मई को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। पंजाब के मुख्यमंत्री इस संबंध में सर्वदलीय शिष्टमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात का भी ऐलान कर चुके हैं।

सोमवार को होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र में जल संसाधन मंत्री या मुख्यमंत्री की ओर से भाखड़ा डैम के पानी को लेकर शुरू हुए विवाद पर सदन के सामने रिपोर्ट पेश की जाएगी। माना जा रहा है कि पंजाब सरकार इस मुद्दे पर सदन के भीतर सभी दलों का समर्थन हासिल करेगी।

केंद्र और हरियाणा के खिलाफ आ सकता है प्रस्ताव

हरियाणा और केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सर्वदलीय बैठक आनन-फानन में बुलाई गई थी। इसके चलते किसी भी दल को अपनी पूरी बात कहने का अवसर नहीं मिला। सर्वसम्मति के साथ ही अगला निर्णय लिया जाएगा। यह साफ है कि पंजाब की तरफ से हरियाणा को अतिरिक्त पानी नहीं दिया जाएगा।

क्या है पंजाब और हरियाणा का पानी विवाद

यह विशेष सत्र पंजाब की अगली रणनीति तय करेगा। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को दोनों राज्यों से बात की थी। केंद्र ने कहा था कि हरियाणा को 8 दिनों के लिए 4,500 क्यूसेक पानी प्रतिदिन दिया जाए। अभी हरियाणा को 4,000 क्यूसेक पानी प्रतिदिन मिल रहा है। पंजाब का कहना है कि उसके पास अतिरिक्त पानी नहीं है। इसलिए वह हरियाणा को और पानी नहीं दे सकता। पंजाब का कहना है कि वह पहले से ही 4,000 क्यूसेक पानी मानवीय आधार पर दे रहा है। यह विवाद BBMB से पानी के बंटवारे के नए चक्र से कुछ दिन पहले शुरू हुआ है। पानी का नया चक्र 21 मई से शुरू होता है।

पंजाब शनिवार को BBMB की बैठक में शामिल नहीं हुआ। इस बैठक में हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के तौर-तरीकों पर बात होनी थी। केंद्र सरकार के गृह सचिव गोविंद मोहन ने शुक्रवार को दोनों राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने हरियाणा की मांग को मान लिया था। लेकिन पंजाब ने इसका विरोध किया था।

हरियाणा बनाम पंजाब

पंजाब के CM भगवंत मान ने शुक्रवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। उन्होंने सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया। सर्वदलीय बैठक में पंजाब के सभी राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई। सभी दलों ने पंजाब सरकार को समर्थन दिया। बैठक में पंजाब BJP (भारतीय जनता पार्टी) के नेताओं ने कहा कि यह विवाद टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि पहले भी हरियाणा को अतिरिक्त पानी दिया गया था। इसके बाद, हरियाणा ने भी एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में हरियाणा के सभी राजनीतिक दल हरियाणा सरकार के साथ थे।

रविवार शाम को कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक हुई। इस बैठक में सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई। पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पत्रकारों से कहा कि हम तैयार हैं। हम राज्य के पानी और हितों की रक्षा करेंगे।