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रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका को जर्मनी में हथियारों की तैनाती पर तनाव की दी चेतावनी

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सेंट पीट्सबर्ग.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने जर्मनी में लंबी दूरी की मिसाइलों को तैनात किया तो इसके जवाब में रूस भी मध्यम दूरी की परमाणु मिसाइलों का उत्पादन फिर से शुरू कर देगा। साथ ही पुतिन ने कहा कि मिसाइलों के उत्पादन के साथ ही उनकी ऐसी जगहों पर तैनाती की जाएगी, जहां से पश्चिमी देशों को निशाना बनाया जा सके।

गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने कहा था कि वह जर्मनी में साल 2026 से लंबी दूरी की मिसाइलों को तैनात करना शुरू कर देगा।अमेरिका ने कहा कि वह जर्मनी में एसएम-6, टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें और हाइपरसोनिक हथियारों की तैनाती करेगा। अमेरिका यह तैनाती नाटो सदस्यों के प्रति अपने समर्पण दिखाने और यूरोप की कथित सुरक्षा  के नाम पर कर रहा है। अब रूस के नौसेना दिवस के मौके पर रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका को चेतावनी दी है। अपने संबोधन में पुतिन ने कहा कि 'अमेरिका शीत युद्ध जैसा मिसाइल संकट फिर से पैदा करने का खतरा मोल ले रहा है। अगर अमेरिका ऐसा करता है तो जर्मनी से रूस के इलाकों पर 10 मिनट में हमला किया जा सकेगा और भविष्य में ये मिसाइलें परमाणु हथियारों से भी लैस की जा सकती हैं।' पुतिन ने कहा कि अगर अमेरिका ने ऐसा किया तो हम भी उसके जवाब में ऐसा ही करेंगे।

पुतिन का आरोप- तनाव बढ़ा रहा अमेरिका
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका जर्मनी में मिसाइलों की तैनाती कर, डेनमार्क और फिलीपींस को टाइफून मिसाइल सिस्टम देकर तनाव को बढ़ा रहा है। पुतिन ने अमेरिका के इस कदम की तुलना उसके साल 1979 में पश्चिमी यूरोप में पर्शिंग-2 मिसाइल लॉन्चर्स की तैनाती से की। सोवियत संघ के तत्कालीन महासचिव यूरी आंद्रोपोव ने कहा था कि पर्शिंग मिसाइलों की तैनाती अमेरिका की सोवियत संघ को तोड़ने और उसने राजनीतिक और सैन्य तौर पर खत्म करने की साजिश थी। रूसी की नौसेना के दिवस के मौके पर सेंट पीट्सबर्ग में पुतिन ने कहा कि अब फिर से शीत युद्ध जैसे हालात बनाए जा रहे हैं। पुतिन ने कहा कि इसके जवाब में रूस भी मध्यम दूरी की परमाणु सक्षम मिसाइलों का उत्पादन शुरू करेगा और फिर विचार किया जाएगा कि इन्हें कहां तैनात किया जाए ताकि अमेरिका को जवाब दिया जा सके।