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रिसर्च एजेंसी मॉर्गन स्टेनली का दावा, भारत 2027 तक बन जाएगी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

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नई दिल्ली, 10नवंबर। भारत 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. रिसर्च एजेंसी मॉर्गन स्टेनली ने ये भविष्यवाणी की है. मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगले 10 वर्षों में भारत का जीडीपी मौजूदा 3.4 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर दोगुना 8.5 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत हर वर्ष अपने जीडीपी (GDP) में 400 अरब डॉलर जोड़ेगा. इससे ज्यादा जीडीपी केवल अमेरिका और चीन का रहने वाला है.

मॉर्गन स्टेनली ने रिपोर्ट में कहा, “तीन मेगाट्रेंड – वैश्विक ऑफशोरिंग, डिजिटलाइजेशन और ऊर्जा संक्रमण… ये एक अरब से अधिक आबादी वाले देश में अभूतपूर्व आर्थिक विकास के लिए दृश्य स्थापित कर रहे हैं.” भारत के लिए मॉर्गन स्टेनली के मुख्य इक्विटी रणनीतिकार, रिधम देसाई ने कहा कि भारत विश्व व्यवस्था में शक्ति प्राप्त कर रहा है. ये बदलाव निवेशकों और कंपनियों के लिए एक अवसर है.

मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय शेयर बाजार का मार्केट कैपिटलाईजेशन दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा रहेगी. रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय बाजार का मार्केट कैप 2032 तक 3.4 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 11 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है. 2032 तक भारतीय बाजार का पूंजीकरण 3.4 लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर 11 लाख करोड़ डॉलर हो जाएगा और यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार होगा.

हालांकि, ये सबकुछ बेहतर घरेलू और वैश्विक माहौल के बाद ही संभव होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके लिए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर बेहतर पॉलिसी पर जोर देना होगा.

मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक जीएसटी के लागू होने पर घरेलू बाजार के एकीकरण में मदद मिली है. साथ ही कॉरपोरेट टैक्स ( Corporate Tax) में कटौती के साथ देश में अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव का भी फायदा मिल रहा है. सर्विसेज एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी पहले से ही ज्यादा है और महामारी के दौरान इसमें बढ़ोतरी देखने को मिली है.

जीडीपी में 3 ट्रिलियन डॉलर का हो सकता है इजाफा
रिपोर्ट के मुताबिक केवल अगले सात वर्षों में भारत के जीडीपी में 3 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा देखने को मिलेगा. रिपोर्ट के मुताबिक आज जो भारत का जीडीपी है चीन का 2007 में हुआ करता था. रिपोर्ट के मुताबिक भारत के वर्किंग जनसंख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है जो ये दर्शाता है कि लंबी अवधि तक भारत विकास करता रहेगा.

आने वाले दशक में औसतन 6.5 फीसदी जीडीपी का अनुमान
रिसर्च एजेंसी ने ये भी कहा गया है कि आने वाले दशक में भारत का जीडीपी औसतन 6.5 फीसदी रहने वाला है, जबकि चीन का औसतन जीडीपी 3.6 फीसदी रह सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च लगातार बढ़ा रहा है. ऐसे में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा भी उसे मिलने वाला है.