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कुष्ठ निवारण दिवस पर सिविल अस्पताल गोविंदपुरा हथाईखेड़ा में कार्यक्रम आज

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कुष्ठ निवारण दिवस पर सिविल अस्पताल गोविंदपुरा हथाईखेड़ा में  कार्यक्रम आज

 माननीय मंत्री द्वय श्रीमती कृष्णा गौर और श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल होंगे शामिल
भोपाल

  30 जनवरी को कुष्ठ निवारण दिवस का आयोजन सिविल अस्पताल गोविंदपुरा, हथाईखेड़ा परिसर में प्रातः 10.30 बजे होगा। कार्यक्रम में माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमंतु और अर्धघुमंतु कल्याण विभाग श्रीमती कृष्णा गौर जी एवं माननीय राज्य मंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल जी की गरिमामयी उपस्थिति में विकृति रोकथाम शिविर, संकल्प वाचन, ग्रिप ऐड एवं पदरक्षक वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर  सिविल अस्पताल गोविंदपुरा के अंतःरोगी विभाग का लोकार्पण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में कुष्ठ रोग से ठीक हो चुके लोगों द्वारा अपने अनुभव साझा किए जाएंगे ।

प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कुष्ठ निवारण दिवस का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह दिवस Ending Stigma, Embracing Dignity की थीम पर मनाया जा रहा है। 30 जनवरी से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता पखवाड़ा का आयोजन होगा जो कि 13 फरवरी तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करने संबंधी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पखवाड़े में स्वास्थ्य संस्थाओं में पीओडी शिविर, स्किन स्क्रीनिंग कैंप एवं  कुष्ठ रोगियों के संपर्क में आए मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से उपचार योग्य है । एमडीटी या बहू औषधि उपचार के नियमित सेवन से विकृतियों से बचाव एवं संक्रमण रुकता है। रोग की शीघ्र पहचान और दवा का पूरा कोर्स , कुष्ठ रोग से होने वाली विकलांगता से बचाता है। छूने, साथ खेलने या एक साथ काम करने से यह रोग नहीं फैलता है। लेकिन अनुपचारित रोगियों के साथ नजदीकी और लगातार संपर्क से रोग का संचरण बढ़ सकता है ।
     कुष्ठ रोग का उपचार शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क उपलब्ध है। बीमारी के लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्था या आशा एवं एएनएम से संपर्क कर इसकी जांच करवाई जा सकती है । कुष्ठ रोग के शीघ्र उन्मूलन के लिए यह आवश्यक है कि कुष्ठ के लक्षणों की शीघ्र पहचान करके उसका पूरा उपचार लिया जावे ।