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मध्य प्रदेश के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में नई शिक्षा नीति के मुताबिक यातायात का पाठ शामिल किए जाने की तैयारी

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भोपाल
मध्य प्रदेश के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में नई शिक्षा नीति के मुताबिक यातायात का पाठ शामिल किए जाने की तैयारी है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का कहना है कि बच्चों को यातायात का पाठ पढ़ाया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मंगलवार को संवाददाताओं से बच्चों में यातायात के प्रति जागरूकता लाने की जरूरत और सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि अगर बच्चों को बचपन से ही यातायात संबंधी नियमों और उनके पालन करने की प्रक्रिया से अवगत कराएं तो वह उनके लिए जीवन भर उपयोगी होती है।
उन्होंने बचपन में दी जाने वाली शिक्षा और उससे जीवन में होने वाले लाभ का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों को बहुत सी चीज बालपन से ही बताई जाएं तो वह बगैर किसी प्रयास के बगैर किसी दबाव के चीजों को सीख जाते हैं। जैसे संस्कृति का ज्ञान है वह स्वयमेव शिक्षण पद्धति के माध्यम से मिलता है तो परिवार के कारण और शिक्षा के कारण वह अपनी संस्कृति से जुड़ा रहता है। इसी तरह सड़क परिवहन के कायदे हैं किस तरह से नियमों का पालन करना है। यातायात के नियम का कैसे उल्लंघन होता है और कैसे पालन होता है अगर इस चीज को शैक्षणिक व्यवस्था में शामिल कर
बच्चों को बताने का काम करेंगे तो बच्चे आसानी से जान लेते हैं और बच्चे उसे सीखते हुए अपने जीवन में उतारते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बड़े होकर कोई चीज सीखने से बेहतर है कि बचपन से ही छोटे-छोटे पाठ्यक्रम के माध्यम से उनको चीजों का ज्ञान कराया जाए जो उनके लिए जीवन भर उपयोगी हो। आगामी समय में यह हमारी प्राथमिकता है। नई शिक्षा नीति यही कहती है जीवन उपयोगी चीजों को किस तरह से हम पाठ्यक्रम में शामिल करें। जो आने वाले जीवन में काम आए, कारगर हो, इसे हम पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रहे हैं।
ज्ञात हो कि यातायात पालन संबंधी नियमों का ज्ञान न होने के कारण बच्चे और किशोर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, अगर नियमों की जानकारी हो तो हादसों को रोका भी जा सकता है। इसी को ध्यान में रखकर राज्य सरकार स्कूली पाठ्यक्रम में यातायात संबंधी जानकारी को शामिल करने की तैयारी में है।