प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई)- वित्तीय समावेशन के राष्ट्रीय मिशन ने अपने सफल कार्यान्वयन के आठ साल पूरे किए

पीएमजेडीवाई की शुरुआत से लेकर अब तक 46.25 करोड़ लाभार्थियों के बैंक खाते खुले और उसमें 1,73,954 करोड़ रुपये जमा हुए
वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन: वित्तीय समावेशन समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों के समग्र आर्थिक विकास को सुनिश्चित करता है
पीएमजेडीवाई सरकार की जन-केंद्रित आर्थिक पहलों की आधारशिला बन गई हैः वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड
पीएमजेडीवाई खाते मार्च 2015 में 14.72 करोड़ से तीन गुना बढ़कर 10 अगस्त 2022 तक 46.25 करोड़ हो गए
56 फीसदी जन-धन खाताधारक महिलाएं हैं और 67 फीसदी जनधन खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं
पीएमजेडीवाई खाताधारकों को 31.94 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए गए
जून 2022 में लगभग 5.4 करोड़ पीएमजेडीवाई खाताधारकों को विभिन्न योजनाओं के तहत सरकार से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्राप्त हुआ