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पाकिस्तान ने स्वर्ण मंदिर को बनाया था टारगेट, भारतीय सेना ने यूं असफल किया मिसाइल अटैक

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अमृतसर
 भारतीय सेना ने पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। सेना ने खुलासा करते हुए बताया है कि पाकिस्तान ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की थी। पाकिस्तान ने स्वर्ण मंदिर पर ड्रोन से मिसाइल दागे थे। AKASH मिसाइल सिस्टम और L-70 एयर डिफेंस गन ने पंजाब और स्वर्ण मंदिर को पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों से बचाया था। 15 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल कार्तिक सी. शेषाद्रि ने सोमवार को पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि ये ऑपरेशन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इसका विकराल रूप अभी सामने आना बाकी है।

अमृतसर में डेमोंस्ट्रेशन के जरिए दिखाया
सेना द्वारा सोमवार को अमृतसर में डेमोंस्ट्रेशन के जरिए दिखाया गया कि कैसे भारत की वायु रक्षा प्रणाली, जिसमें AKASH मिसाइल सिस्टम और L-70 एयर डिफेंस गन शामिल हैं, ने पंजाब और स्वर्ण मंदिर को पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों से बचाया। मेजर जनरल ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बेहद आवश्यक है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस ऐलान का हवाला दिया जिसमें वर्ष 2025 को सुधारों का वर्ष घोषित किया गया है। भारतीय सेना आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की राह पर दृढ़ है। यह दशक और आने वाला समय परिवर्तन का युग होगा।

मेजर जनरल ने कहा कि यह जानते हुए कि पाक सेना के पास कोई तय टारगेट नहीं है. हमने अनुमान लगाया कि वे भारतीय सेना के प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थल सहित रिहायशी इलाकों को निशाना बनाएंगे. इनमें से गोल्डन टेंपल सबसे प्रमुख था. हमने गोल्डन टेंपल को एक पूरा एयर डिफेंस कवर देने के लिए अतिरिक्त आधुनिक हथियार जुटाए. 8 मई की सुबह अंधेरे में पाकिस्तान ने मानवरहित हवाई हथियारों मुख्य रूप से ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों के साथ बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया गया.

उन्होंने कहा कि इस हमले के लिए हम पूरी तरह से तैयार थे क्योंकि हमें इसकी आशंका थी. हमारे बहादुर और सतर्क आर्मी एयर डिफेंस गनर्स ने पाकिस्तानी सेना के नापाक इरादों को असफल कर दिया और गोल्डन टेंपल पर टारगेटेड सभी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया. इस तरह हमने हमारे गोल्डन टेंपल पर एक खरोंच भी नहीं आने दी.

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पेशेवर और जिम्मेदार फोर्स है, जिसने हमेशा बिना उकसावे के संयमित तरीके से ही जवाब दिया है. हमने सटीक हथियारों से सिर्फ आतंकी ठिकानों पर ही हमला किया है, जिसे पाकिस्तानी सेना ने भी स्वीकार किया है. वहीं, पाकिस्तानी सेना के पास भारत पर हमला करने के लिए कोई वैध टारगेट नहीं है और ना ही पाकिस्तानी सेना के पास भारतीय सेना का सामना करने का साहस और क्षमता है. पाकिस्तान राष्ट्रीय नीति के तौर पर आतंकवाद का इस्तेमाल करता है. पाकिस्तान ने अपनी जमीं से मानवरहित हवाई हथियारों का इस्तेमाल किया.

भारतीय सेना ने आकाश मिसाइल सिस्टम, L-70 एयर डिफेंस गन सहित भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम का सोमवार को डेमो भी दिखाया कि किस तरह पाकिस्तानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से अमृतसर के गोल्डन टेंपल और पंजाब के अन्य शहरों को बचाया.

मेजर जनरल ने कहा कि भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सटी निशाने के साथ पाकिस्तान में कई जगह हमले किए. बहावलपुर और मुरिदके जैसे आतंकी गढ़ों पर हमला किया गया. इन नौ आतंकी ठिकानों में से मुरिदके लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर है जबकि बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद का अड्डा है. इन हमलों के बाद हमने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हमने जानबूझकर पाकिस्तान के किसी सैन्य ठिकाने या सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनाया.

वैश्विक स्तर पर उभरा भारत का डिफेंस सिस्टम
उन्होंने बताया कि भारत के पास मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस व्यवस्था है जो हर मौसम में काम करने में सक्षम है। इसमें दिन-रात निगरानी, लक्ष्य निर्धारण और मिसाइल-गन का उपयुक्त मिश्रण शामिल है। हमारे पास स्वदेशी रूप से विकसित AKASH सिस्टम है जो सेना, वायुसेना और नौसेना के संसाधनों को जोड़कर एक साझा 'एयर पिक्चर' देता है, जिससे तेजी से निर्णय लेना और प्रभावी लक्ष्यभेदन संभव होता है। तनाव के चरम पर भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन, मिसाइल, माइक्रो UAVs और लोइटरिंग म्यूनिशन को इंटरसेप्ट किया, जिससे यह एक वैश्विक स्तर पर प्रभावी रक्षा संपत्ति के रूप में उभरा है।