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प्याज के दाम पिछले वर्ष की तुलना में 22.36 प्रतिशत कम: केंद्र सरकार

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प्याज का 2.08 लाख मीट्रिक टन बफर स्टॉक राज्यों/शहरों को जांच कर और योजनाबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है, बाजार में प्याज के बफर स्टॉक की आवक होने से इसकी कीमतों में स्थिरता आ जाती है

आलू का खुदरा भाव 20.58 रुपये किलोग्राम है, जो पिछले महीने के मुकाबले 6.96% कम है

टमाटर की कीमत पिछले महीने की तुलना में नीचे है
17.02.2022 को प्याज का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव 35.28 रुपये प्रति किलोग्राम था जो पिछले वर्ष की तुलना में 22.36% कम है। देर से आने वाली खरीफ प्याज की आवक स्थिर है और मार्च 2022 से रबी सत्र के आगमन तक इसके बने रहने की उम्मीद है। मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के माध्यम से प्रभावी बाजार हस्तक्षेप के कारण वर्ष 2021-22 के दौरान प्याज की कीमतें काफी हद तक स्थिर रही हैं। मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत चालू वर्ष में प्याज का 2.08 लाख मीट्रिक टन बफर स्टॉक उन राज्यों/शहरों के लिए जांच कर व योजनाबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है, जहां पर कीमतें पिछले महीने की तुलना में बढ़ रही हैं और साथ ही प्रमुख मंडियों में उपलब्धता बढ़ाने के लिए लासलगांव तथा पिंपलगांव जैसे स्रोत बाजारों में भी भेजा जा रहा है। इसके अलावा, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 21 रुपये प्रति किलोग्राम प्याज पूर्व-भंडारण स्थानों पर देने की पेशकश की गई और सफल को परिवहन लागत सहित 26 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आपूर्ति हुई। बाजार में प्याज के बफर स्टॉक की आवक होने से इसकी कीमतों में स्थिरता आती है।

इसी तरह से 17.2.2022 को आलू की खुदरा कीमत 20.58 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो पिछले महीने की तुलना में 6.96% कम है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से में चक्रवात जवाद के कारण आलू की बुवाई में देरी हुई है, हालांकि, राज्य ने जानकारी दी है कि फसल क्षेत्र पिछले साल के स्तर पर लगभग सही हो गया है। 2021-22 के लिए कुल फसल क्षेत्र पिछले वर्ष के बराबर होने का अनुमान है।

मूल्य स्थिरीकरण कोष योजना के तहत, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 50:50 साझा आधार पर (पूर्वोत्तर राज्यों के मामले में 75:25) राज्य स्तरीय मूल्य स्थिरीकरण कोष के निर्माण के लिए ब्याज मुक्त अग्रिम प्रदान किए जाते हैं। अब तक छह राज्यों आंध्र प्रदेश, असम, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल ने अग्रिम प्राप्त कर लिया किया है और कुल 164.15 करोड़ रुपये केंद्रीय हिस्से के रूप में जारी किए गए हैं। इन राज्यों के पास आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित में जरूरी हस्तक्षेप करने के लिए पर्याप्त कोष और शासनादेश है। अन्य राज्यों से भी अनुरोध किया गया है कि वे आवश्यक खाद्य वस्तुओं में मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने हेतु राज्य स्तरीय हस्तक्षेप के लिए पीएसएफ की स्थापना करें।

पिछले एक महीने के दौरान टमाटर की खुदरा कीमत में गिरावट आई है, हालांकि यह साल के स्तर से थोड़ा ऊपर रही है। 17.02.2022 तक टमाटर का अखिल भारतीय औसत मूल्य 26.69 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो पिछले महीने की तुलना में कम है। चूंकि उत्तर भारत में इसकी आवक में तेजी आएगी तथा इससे आने वाले सप्ताह में टमाटर के दाम में और गिरावट आएगी। दक्षिण भारत में टमाटर भी आने वाले सप्ताह में बढ़ेगा और फरवरी के अंत तक यह गति पकड़ेगा।