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आरडीएसएस की तर्ज पर स्मार्ट मीटर कार्यक्रम में भी केन्द्र से मिले 60 प्रतिशत अनुदान: ऊर्जा मंत्री

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जयपुर
ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने केन्द्र  सरकार से स्मार्ट मीटर कार्यक्रम को आरडीएसएस योजना की तर्ज पर 60 अनुपात 40 के  आधार पर संचालित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनियों को अपने घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रदेश की पीक डिमांड को पूरा करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं को बढ़ावा देने में भी केन्द्र से समुचित सहयोग का आग्रह किया है।

श्री नागर गुरूवार को विद्युत भवन से वीडियो काँफ्रें​स के माध्यम से 'वॉयबिलिटी ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज' विषय पर मंत्री समूह की बैठक को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद येसो नायक की अध्यक्षता में मुम्बई के सहयाद्री विश्रांतिगृह में हुई ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की इस दूसरी बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडनवीस सहित उत्तर प्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों के ऊर्जा मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए। राजस्थान से ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक तथा डिस्कॉम्स चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार थर्मल आधारित महंगी बिजली के वैकल्पिक, सस्ते एवं सुलभ स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है। पीएम-कुसुम योजना के तहत राज्य में 12 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं जिसके अन्तर्गत 4 हजार 355 मेगावाट क्षमता के पावर परचेज एग्रीमेंट किए जा चुके हैं। एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल जैसे नवाचार पर भी काम चल रहा है। पीएम सूर्यघर योजना में 136 मेगावाट के रूफ टॉप संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में विकेन्द्रित सौर ऊर्जा उत्पादन उत्पादन में बीते एक वर्ष में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

चेयरमैन डिस्कॉम्स सुश्री आरती डोगरा ने सस्ती एवं सुलभ विकेन्द्रित सौर ऊर्जा पर कृषि क्षेत्र की मांग को शिफ्ट करने, बिजली खरीद की दरों में कमी, परिचालन लागत को कम कर एटी एंड सी हानियों को कम करने की दिशा में किए जा रहे सुधार एवं नवाचारों पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया।