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अब होली के आसपास भी कई जगहों पर बारिश और तापमान गिरने की संभावना, तेज हवा का अलर्ट, चौंकाएगा मौसम

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जम्मू
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर भारत का मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। बीते कुछ दिनों से हिमालय में हो रही बर्फबारी की वजह से उत्तर भारत में ठंड ठहर सी गई है। वहीं अब होली के आसपास भी कई जगहों पर बारिश और तापमान गिरने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो 9 मार्च को पश्चिमी हिमालय में नया पश्चिमी विक्षोभ ऐक्टिव होने की संभावना है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और यूपी के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। वहीं 10 और 11 मार्च को केरल, लक्षद्वीप और आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है।

होली पर हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक अकले चार दिनों में उत्तर भारत में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होने वाला है। 8 से 12 तारीख के बीच सौराष्ट्र और कच्छ में लू चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम बदलने की संभावना है। 11 और 12 मार्च को तेज हवाओं की संभावना है। वहीं इसके साथ ही होली के मौके पर छिटपुट बारिश भी हो सकती है।

होली वाले दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हलकी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहेगा। 9 और 10 मार्च को उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

यहां एक सप्ताह तक बारिश का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने रविवार को अनुमान लगाया कि कि जम्मू-कश्मीर में सोमवार से एक सप्ताह तक बारिश का मौसम रहेगा। इसने कहा कि रविवार शाम तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा। विभाग ने कहा कि 10 और 11 मार्च के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान है, जबकि 12, 13 14 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान है।

इसने कहा कि 15 और 16 मार्च के दौरान कई स्थानों पर रुक-रुक कर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने यात्रियों, पर्यटकों और ट्रांसपोर्टरों के लिए परामर्श भी जारी किया है जिसमें कहा है कि वे इस अवधि के दौरान अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले प्रशासन/यातायात परामर्श का पालन करें। किसानों को 10 मार्च से 18 मार्च तक कृषि कार्य स्थगित रखने की सलाह दी गई है; इसके अलावा, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस अवधि के दौरान ढलान वाले और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने के लिए कहा गया है।