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नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की बदलेगी सूरत, नोएडा प्राधिकरण ने एक व्यापक योजना तैयार की

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नई दिल्ली
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते यातायात और सुरक्षा के लिए जल्द ही बड़े बदलाव होने जा रहे हैं लेकिन हाल ही में किए गए सर्वे में इस एक्सप्रेसवे पर कई कमियां सामने आईं। इन कमियों को दूर करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक व्यापक योजना तैयार की है।

सर्वे में मिली बड़ी खामियां
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का सर्वे शहरी और पर्यावरण अध्ययन के क्षेत्रीय केंद्र (RCUES) द्वारा किया गया। सर्वे में कई सुरक्षा और संरचना संबंधी खामियां पाई गईं।

रात में विजिबिलिटी की कमी: रात के समय ड्राइवरों को सड़क ठीक से दिखाई नहीं देती क्योंकि कैट्स आई रिफ्लेक्टर (जो लेन मार्किंग में मदद करते हैं) की कमी है।
साइनबोर्ड की अनुपस्थिति: एक्सप्रेसवे पर एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स के लिए साइनबोर्ड नहीं हैं जिससे ड्राइवरों को जानकारी नहीं मिल पाती।
सुरक्षा उपकरणों की कमी: क्रैश बैरियर, उचित लेन मार्किंग और लाइटिंग की कमी से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

नोएडा प्राधिकरण ने लिया एक्शन
नोएडा प्राधिकरण ने इन खामियों को दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाने का फैसला किया है। प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर यातायात और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) मैनुअल के मुताबिक एक्सप्रेसवे का नवीनीकरण किया जाएगा।

क्या-क्या बदलाव किए जाएंगे?
कैट्स आई रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे: रात में विजिबिलिटी बेहतर बनाने के लिए सड़क पर कैट्स आई रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे।
साइनबोर्ड और मार्कर: एक्सप्रेसवे पर हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर नए साइनबोर्ड लगाए जाएंगे ताकि ड्राइवरों को दिशा-निर्देश आसानी से मिल सकें।
क्रैश बैरियर और लाइटिंग: दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क किनारे क्रैश बैरियर और पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी।
लेन मार्किंग: सभी लेन पर नई मार्किंग की जाएगी ताकि ड्राइवरों को स्पष्ट संकेत मिलें।
दुर्घटनाओं से सबक
14 अगस्त 2024 को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक गंभीर दुर्घटना हुई थी जिसमें तीन छात्रों की मौत हो गई थी। यह हादसा सड़क पर सुरक्षा उपायों की कमी के कारण हुआ। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे का सर्वे कराने और जरूरी सुधार करने का निर्णय लिया।

क्यों है यह एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण?
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे 25 किलोमीटर लंबा है और यह नोएडा और ग्रेटर नोएडा के दर्जनों इलाकों को जोड़ता है। यह शहर का एक प्रमुख मार्ग है जिससे लाखों वाहन रोजाना गुजरते हैं। इस एक्सप्रेसवे की खामियों को सुधारने से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।