Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

जापान में माइकोप्लाज्मा निमोनिया के मामलों में वृद्धि देखी जा रही

46
Tour And Travels

टोक्यो
जापान में माइकोप्लाज्मा निमोनिया के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान के अनुसार, 17 नवंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान देश भर के चिकित्सा संस्थानों में औसतन 2.84 मरीज मिले हैं। यह आंकड़ा पिछले सप्ताहों की तुलना में मामलों में वृद्धि दिखाता है। वर्तमान ट्रैकिंग प्रणाली शुरू होने के बाद से यह अब तक का उच्चतम आंकड़ा है।

माइकोप्लाज्मा निमोनिया एक बैक्टीरियल इंफेक्शन (जीवाणु संक्रमण) है। यह इंफेक्शन ज्यादातर बच्चों में देखने को मिलता है। यह सांस के साथ निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों से या करीबी संपर्क में आने से फैलता है। इसके लक्षणों में मरीजों को लगातार खांसी, बुखार, थकान और सिरदर्द जैसी परेशानी दिखाई देती है। इसके कई मामले बिना गंभीर जटिलताओं के ठीक हो जाते हैं। वहीं, कुछ मामले गंभीर निमोनिया में बदल सकते हैं जिसके लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता पड़ सकती है।

फुकुई प्रान्त ने प्रति चिकित्सा संस्थान ने 8.83 मामलों के साथ उच्चतम क्षेत्रीय औसत की सूचना दी। उसके बाद आओमोरी (5.0), क्योटो (4.71) और होक्काइडो (4.59) का स्थान रहा। रिपोर्ट के अनुसार, टोक्यो और ओसाका जैसे प्रमुख शहरों में भी क्रमशः 4.32 और 3.17 की उच्च दर दर्ज की गई।

सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी नागरिकों से निवारक उपाय अपनाने का आग्रह कर रहे हैं। मरीजों को मास्क पहनने, स्वच्छता का ध्यान रखने के साथ डॉक्टरों से परामर्श लेने की सलाह दी है। माइकोप्लाज्मा निमोनिया सभी मानव रोगजनकों में सबसे अधिक पहचाने जाने वाले जीवाणुओं में से एक है। इस वायरस की 200 से अधिक प्रजातियां हैं।