Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

सुहागरात तो दूर शादी का सपना भी रह गया अधूरा, दुल्हन के बताने के बाद भी दो-दो गलतियां कर बैठा दूल्हा

41
Tour And Travels

औरैया
यूपी के औरैया के एक गेस्ट हाउस में उस समय अफरा-तफरी मच गई मच गई जब एक दूल्हा बताने के बाद भी दो-दो गलतियां कर बैठा। दुल्हन ने रिश्ता तय होने के बाद दूल्हे से कहा था कि वह शेरवानी पहनकर आए, लेकिन कोर्ट पैंट पहनकर चला गया। ये देखते ही दुल्हन का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। दुल्हन का मूड खराब था। जयमाल का कार्यक्रम शुरू हो तो दूल्हा वरमाला लाना ही भूल गया। हालांकि लड़के वालों ने वरमाला की आनन-फानन में व्यवस्था कर ली। इसके बाद भी दुल्हन का मूड ठीक नहीं हुआ और अचानक से शादी न करने की घोषणा कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद की स्थिति में किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। भोर तक दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास होते रहे। मगर बात नहीं बनी। तय रकम देने के बाद दुल्हा व उसके घर वाले घर जा पाए।

अजीतमल कोतवाली क्षेत्र से एक बारात बीती रात औरैया कोतवाली के एक गेस्ट हाउस में आई थी। दूल्हा और उसका परिवार दिल्ली में रहता है। शादी तय होने के बाद परिवार शादी के लिए यहां आया था। दूल्हा बाराती भी कम ले गया था। चर्चा है कि दुल्हन ने दूल्हे से शेरवानी पहनकर आने को कहा था। मगर दूल्हा कोट पैंट पहनकर पहुंच गया। इससे दुल्हन नाराज थी। जयमाल के पहले ही दूल्हे के पिता ने शराब पी ली। इसकी जानकारी होने पर दुल्हन व उसके घर वाले नाराज हो गए। मगर रिश्तेदारों के समझाने बुझाने के बाद शांत हो गए।

जयमाल के समय जब दूल्हा दुल्हन स्टेज पर पहुंचे। तब फोटो सेशन के बाद जयमाल की बारी आई तब पता चला कि दूल्हा वरमाला लाना ही भूल गया है। हालांकि, आनन फानन में दूल्हा पक्ष के लोगों ने वरमाला की व्यवस्था थोड़ी ही देर में कर ली। मगर इस बार दुल्हन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने शादी से इंकार कर दिया। इससे दोनों ही पक्षों में अफरातफरी मच गई। काफी समझाने बुझाने के बाद भी दुल्हन शादी के लिए तैयार नहीं हुई। तब कन्या पक्ष के लोग भी उसके समर्थन में आ गए। वर व कन्या पक्ष में शादी को लेकर विवाद होने लगा। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। और दोनों पक्षों को बैठाकर समझौते का प्रयास किया। मगर बात नहीं बनी। भोर तक दूल्हा व उसके पिता कोतवाली में बैठे रहे। समझौते में तय रकम ढाई लाख रुपये देने के बाद दूल्हे व उसके पिता को जाने दिया गया।