Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

केजरीवाल ने चुनाव आयोग को दिए जवाब का आधार दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ के उस स्पष्टीकरण को बनाया है, घिर सकते हैं

33
Tour And Travels

नई दिल्ली
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग के दूसरे नोटिस का जवाब दे दिया है। दूसरे नोटिस में चुनाव आयोग ने केजरीवाल से 5 सवालों के जवाब मांगे थे, जिनका उन्होंने अपनी ओर से जवाब दाखिल कर दिया है। भाजपा की शिकायत और 'आप' सुप्रीमो के दो जवाब के बाद अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में है।

हालांकि, अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग को दिए जवाब का आधार दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ के उस स्पष्टीकरण को बनाया है, जो उनके बयान के घंटों बाद जारी किया गया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने 27 जनवरी को दोपहर 1.51 बजे एक ट्वीट किया था जिसमें वह पत्रकारों से बात करते हुए यमुना में जहर मिलाए जाने का आरोप लगा रहे थे। उनके बयान पर सनसनी मचने के बाद दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ ने 27 जनवरी की शाम को एक बयान जारी किया था। अब केजरीवाल ने सीईओ के इसी बयान को अपने जवाब का आधार बनाया है।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि केजरीवाल जिस वक्त जहर मिलाए जाने का दावा किया उस वक्त उनके पास इसके लिए क्या आधार था? पूर्व मुख्यमंत्री ने उस आधार का खुलासा अपने जवाब में नहीं किया है। हालांकि, दिल्ली की मुख्यमंत्री ने केजरीवाल के उस बयान से ठीक पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और कहा था कि यमुना में अमोनिया का स्तर इतना अधिक बढ़ गया है कि 30 फीसदी दिल्ली को पानी आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

चुनाव आयोग के सवाल और अरविंद केजरीवाल के जवाब
सवाल 1- हरियाणा सरकार की ओर से यमुना में किस प्रकार का जहर मिलाया गया?
सवाल-2 मात्रा और प्रकृति, जहर का पता लगाए जाने के तरीके को लेकर सबूत दें जिससे पता चले कि नरसंहार हो सकता था?
केजरीवाल- 27 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ का बयान, टेबल अटैच किया जा रहा है।
सवाल 3- किस जगह पर जहर मिला?
केजरीवाल- CEO के बयान के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड 27 जनवरी 2025।
सवाल-4 दिल्ली जल बोर्ड के किन इंजीनियर्स ने कहां और कैसे पता लगाया?
केजरीवाल- सीईओ, दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली जल बोर्ड के अन्य अधिकारी।
सवाल-5 दिल्ली में पानी को घुसने से रोकने के लिए इंजीनियर्स ने क्या तरीका इस्तेमाल किया?
केजरीवाल- यह दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ और अन्य अधिकारियों से कंफर्म कर सकते हैं।