Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

विनेश फोगाट के डिस्‍क्‍वालिफाई होने पर भारतीय क्रिकेटर ने बयां किया दर्द, कहा- वाकई दिल टूट गया

57
Tour And Travels

नई दिल्‍ली
भारतीय टीम के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पेरिस ओलंपिक्‍स 2024 में गोल्‍ड मेडल मैच से पहले डिस्‍क्‍वालीफाई होने वाली पहलवान विनेश फोगाट के लिए अपना दर्द बयां किया है। पता हो कि फाइनल बाउट से पहले विनेश 100 ग्राम वजन ज्‍यादा होने के कारण मेडल रेस से बाहर हुईं। अश्विन ने बताया कि खिलाड़ी की पूरी यात्रा ओलंपिक्‍स के ईर्द-गिर्द होती है और दुनिया के कई एथलीट्स के लिए यह सबसे ऊपर है। उन्‍होंने कहा कि विनेश के लिए यह फैसला दिल तोड़ने वाला रहा होगा।

रविचंद्रन अश्विन ने क्‍या कहा
अपने यूट्यूब चैनल पर अश्विन ने कहा, ''यह बहुत बुरी चीज है। चार साल, आठ साल। यह ध्‍यान लगाने जैसा है। यह ओलंपिक एथलीट्स के लिए रीति-रिवाज जैसा है। वो वहां कई सालों की मेहनत के बाद पहुंचते हैं। विनेश फोगाट वहां जरूर मेडल जीतती। वो देश के लिए कई मेडल लेकर आतीं। उन्‍होंने कई मुश्किलों का सामना किया। अब वह संन्‍यास ले चुकी हैं। विनेश फोगाट के लिए यह वाकया बेहद दर्दनाक होगा।''
पता हो कि विनेश फोगाट ने डिस्‍क्‍वालीफाई होने के बाद कुश्‍ती से संन्‍यास लिया। भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर्स सचिन तेंदुलकर और हरभजन सिंह ने विनेश के पक्ष में पोस्‍ट किए थे।

अश्विन ने शूटिंग दल को दी बधाई
बहरहाल, रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय निशानेबाजी दल को मेडल जीतने पर शुभकामनाएं दी हैं। याद दिला दें कि मनु भाकर ने दो ब्रॉन्‍ज मेडल जीते जबकि सरबजोत सिंह और स्‍वप्निल कुसाले ने भी कांस्‍य पदक जीते। भारत ने शूटिंग में कई मेडल जीते। शूटिंग हमारे यहां काफी प्रचलित है। मुझे याद है कि अभिनव बिंद्रा ने इसकी शुरुआत की थी। मनु भाकर बड़े जश्‍न के साथ घर लौटीं। स्‍वप्निल कुसाले, सरबजोत सिंह। इन दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया। मेडल पाने के लिए आपको थोड़े भाग्‍य की जरुरत है। यह मायने नहीं रखता कि आपने कितनी कड़ी मेहनत की, उन्‍हें भाग्‍य का साथ मिला। उन्‍होंने अच्‍छा प्रदर्शन किया। भारत ने हमेशा की तरह काफी कड़ा प्रयास किया।

अश्विन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एथलीट्स को प्रोत्‍साहित करने की जरुरत है। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि युवा देश के लिए भविष्‍य में ज्‍यादा मेडल जीतेंगे। अश्विन ने साथ ही कहा कि वो समझते हैं कि प्रक्रिया में समय लगेगा और ऐसे में भारतीय एथलीट्स को देशवासियों के समर्थन की जरुरत है।