
संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह चौहान ने कहा: आशय पत्र पर हस्ताक्षर से संचार और डाक क्षेत्र में दोनों देशों को नए अवसर प्राप्त होंगे
संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में संचार भवन में वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सूचना और संचार मंत्री महामहिम श्री गुयेन मान हंग ने किया।


भारत और वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी और प्रगतिशील संबंधों के अनुरूप, दोनों देशों के मंत्रियों ने डाक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक “आशय पत्र” पर हस्ताक्षर किए। यह आशय पत्र डाक और दूरसंचार के क्षेत्र में सहयोग को सुविधाजनक बनाने, सूचना और अनुभव साझा करने को बढ़ावा देने, मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में परियोजनाओं को लागू करने में सहयोग करने और दोनों देशों के डाक नामित ऑपरेटरों और सेवा प्रदाताओं के प्रगतिशील सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के संयुक्त उद्देश्यों को मान्यता देता है।
श्री देवुसिंह चौहान ने कहा कि भारत डाक और दूरसंचार के क्षेत्र में व्यापक रूप से विकास कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दूरसंचार विभाग को डिजिटल भेदभाव को समाप्त करने के लिए देश के सभी 6 लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर की सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। देश में हाल के दूरसंचार सुधार इस क्षेत्र को अगले स्तर तक ले जाने की वास्तविक क्षमता को उजागर करेंगे। वियतनाम ने “आत्मनिर्भर भारत” योजना के अंतर्गत स्वदेशी 5-जी नेटवर्क विकसित करने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना की। वियतनाम के सूचना और संचार मंत्री ने सुझाव दिया कि भारत को विश्व स्तर के उत्पादन के लिए 5-जी नेटवर्क के क्षेत्र में सहयोग करना चाहिए। भारत स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किए गए 5-जी दूरसंचार उपकरण विकसित कर रहा है।
श्री देवुसिंह चौहान ने कहा कि आशय पत्र पर हस्ताक्षर करने से दोनों देशों को संचार और डाक के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। सचिव (डाक) श्री विनीत पांडे और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग विभाग, एमआईसी, वियतनाम के महानिदेशक श्री त्रिउ मिन्ह लोंग भी चर्चा के दौरान उपस्थित थे।