Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

विवादों से समाधान योजना हरियाणा सरकार ने फिर से शुरू की, प्लॉट धारकों को मिलेगी बड़ी राहत

259
Tour And Travels

चंडीगढ़.
शहर और कस्बों में स्थित सेक्टरों में एन्हांसमेंट के झगड़े खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार फिर से विवादों से समाधान योजना लाई है। गुरु नानक जयंती पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्लॉट धारकों के एन्हांसमेंट संबंधी विवादों के समाधान हेतु विवादों से समाधान योजना का शुभारंभ किया। अगले छह महीनों तक इसका लाभ उठाया जा सकेगा। योजना के शुभारंभ के बाद विधायक राम कुमार गौतम, रणधीर पनिहार, विनोद भ्याना और देवेंद्र कादियान के साथ मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लॉट धारकों के एन्हांसमेंट सहित सभी लंबित मामलों का निपटान किया जाएगा।

सात हजार से अधिक प्लॉट धारकों को मिलेगी राहत
सात हजार से अधिक प्लॉट धारकों को करीब 550 करोड़ रुपये की बड़ी राहत मिलेगी। इससे पहले भी विवादों के समाधान हेतु इसी प्रकार की योजनाएं चलाई हैं, जिनमें 50 हजार से अधिक लाभार्थियों ने लाभ प्राप्त किया है। नई योजना उन सभी प्लॉट धारकों के लिए सुनहरा अवसर है, जो किसी कारणवश पिछली योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाए। उन्होंने प्लॉट धारकों से अपील की है वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। प्लॉट धारक अपने एचएसवीपी खाते में लागिन करके नई पुनर्गणना के बाद के एन्हांसमेंट मूल्य की जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित इस्टेट ऑफिस से संपर्क किया जा सकता है।

2 लाख परिवारों को अपना घर
उधर, हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 2 लाख गरीब परिवारों का अपने घर का सपना जल्द साकार करने वाली है। जमीन से वंचित सभी योग्य प्रार्थियों को प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 100 वर्ग गज के प्लॉट प्रदान करेगी। इसी तरह से मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 8 जिलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 6618 फ्लैट्स का आवंटन जल्द किया जाएगा। यमुनानगर के जगाधरी में 2000 लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए शीघ्र ही प्लॉट पर कब्जा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना को प्रभावी रूप से लागू करने हेतु हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। योजना की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए अखबारों और रेडियो के माध्यम से विज्ञापन जारी किए गए हैं और ईमेल एवं संदेशों के द्वारा भी सूचनाएं भेजी जा रही हैं।