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लग्जरी लाइफ जीने वाला हाजी शहजाद अली कुछ सालों पहले ठेले पर पुराने कपड़े बेचता था, कहां से आया छप्पड़फाड़ पैसा

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छतरपुर
छतरपुर जिले की कोतवाली थाने पर किए गए पथराव मामले के मुख्य आरोपी हाजी शहजाद अली के करोड़ों रुपये की हवेली को जिला प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया है। इसके बाद से कांग्रेस के कई बड़े नेता हाजी शहजाद अली के पक्ष में उत्तर आए हैं और बुलडोजर कार्रवाई को गलत ठहरा रहे हैं। लेकिन, यह बहुत कम लोग ही जानते हैं कि लग्जरी लाइफ जीने वाला और 10 करोड़ रुपये की हवेली बनाने वाला हाजी शहजाद अली कुछ सालों पहले ठेले पर पुराने कपड़े बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। आखिर कुछ ही सालों में ऐसा क्या हुआ कि वह करोड़ों का मालिक बन गया।

हाजी शहजाद अली ने अपने तीन भाइयों के साथ मिलकर एक पूरा नेक्सस तैयार किया था। हाजी शहजाद अली के तीन भाई और हैं, जिनमें छोटा भाई फैय्याज अली घोषित अपराधी है। उस पर हाजी शहजाद अली की शह पर हत्या के प्रयास, मारपीट, जमीनों पर जबरन कब्जा एवं वसूली जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। हाजी शहजाद अली ने अपने भाइयों के साथ मिलकर देखते ही देखते करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली। जिस जगह पर हाजी शहजाद अली की हवेली बनी हुई थी, पहले वह किसी कुशवाहा परिवार की जमीन थी। बताया जाता है कि शहजाद अली ने अपने डर और रुतबे से उस जमीन को हथिया लिया, जिसकी जांच अब जिला प्रशासन कर रहा है।

इसके अलावा शहजाद अली और उसके भाइयों पर जितने भी पुराने अपराध या उनकी शिकायतें थाने में हैं, उन सभी की जांच अब पुलिस प्रशासन गंभीर रूप से कर रही है। साथ ही इन लोगों पर रासुका लगाने और जिला बदर की कार्रवाई करने का मन बना रही है।

हाजी शहजाद अली ने दो दिनों पहले सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो वायरल किया था। उस वीडियो में उसने इस बात का जिक्र किया था कि वह खानका नाम की एक अदालत लगता था। इसमें वह आपसी समझौते से सामाजिक मामलों को निपटाता था। लेकिन, हाजी शहजाद अली के विरोधी बताते हैं कि सामाजिक मामले निपटाने की आड़ में शहजाद अली और उसके अन्य साथी लाखों रुपये का लेनदेन करते थे और यहीं पर कई अनैतिक कामकाजों की चर्चा भी होती थी।

अब जिला प्रशासन उन तमाम जमीनों की बारीकी से जांच कर रही है, जिन पर हाजी शहजाद अली या उसके भाइयों का कब्जा है। पुलिस के पास कई आवेदनकर्ता आए हैं, जिन्होंने आरोप लगाया है कि हाजी शहजाद अली और उसके भाइयों ने जबरन उनकी करोड़ों रुपये की जमीन कौड़ियों के भाव खरीद ली या उन पर कब्जा कर लिया।