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एमपी कैबिनेट के पूर्व मंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा ने अध्यक्ष बनने की दौड़ से खुद को बाहर बताया

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भोपाल
सिविल एविएशन और स्टील विभाग के केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए आखिरी दांव चल दिया है। अब कुछ ही दिनों में प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान संभव है। बुधवार रात भोपाल पहुंचे सिंधिया ने तीन प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद चर्चा चल पड़ी है कि एमपी के पूर्व मंत्री और पूर्व दतिया विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा भाजपा अध्यक्ष नहीं बनाए जाएंगे।

दरअसल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रात को भोपाल पहुंचे और सबसे पहले नरोत्तम मिश्रा के आवास पर जाकर मुलाकात की। इसके बाद सिंधिया मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग के मंत्री करण सिंह वर्मा के आवास जाकर भी मिले। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कृषि एवं पंचायत विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात करने पहुंचे।
सियासी सरगर्मियां तेज

बता दें, कि नरोत्तम और शिवराज से सिंधिया ने कुछ दिनों पहले भी मुलाकात की थी। लेकिन करण सिंह वर्मा से मुलाकात के बाद सरगर्मी तेज हेा गई है। करण सिंह वर्मा प्रदेश के सबसे ईमानदार मंत्रियों में गिने जाते हैं। इसके अलावा सिंधिया राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने राजभवन भी पहुंचे।
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का दावा

सिंधिया से हुई मुलाकात के बाद स्वयं नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से कहा कि मैं प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में नहीं हूं। पार्टी काम देती रहे मैं काम करता रहूंगा। मिश्रा ने कहा कि संगठन की प्रक्रिया है। मंडल हो गए, जिला हो गए, फिर प्रदेश होंगे। इसके लिए पहले दिल्ली निपटे।
क्रम के अनुसार हो रही चयन प्रक्रिया

भाजपा के संगठन पर्व के तहत सबसे पहले बूथ अध्यक्ष चुने गए। उसके बाद मंडल अध्यक्षों का निर्वाचन हुआ, इसके बाद सभी 60 संगठनात्मक जिलों को अध्यक्ष मिले। अब प्रदेश अध्यक्ष के लिए नाम सामने आना बचा हुआ है।
केंद्रीय गृहमंत्री से मिले वर्तमान एमपी भाजपा अध्यक्ष

मध्यप्रदेश के वर्तमान भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। इसके पहले उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल चुके हैं। बुधवार को खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय संगठन व पार्टी नेतृत्व के नेताओं से चर्चा की है।