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बाप की अर्थी कंधे के लिए तरस रही, बेटा जमीन न मिलने से नाराज, समाज के चार लोग भी समझाने में फेल!

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टीकमगढ़
 मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के एक गांव में शनिवार दोपहर एक बुजुर्ग की मौत हुई। उनके जाने के बाद उनका बेटा अंतिम संस्कार करने से इनकार करने लगा। वह ऐसा इसलिए कर रहा था क्योंकि उसके पिता ने पैतृक जमीन उसकी बहन के नाम कर दी थी। इस वजह से पूरे गांव में तनाव का माहौल था और पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। युवक मानने को तैयार ही नहीं हो रहा है।

ताल मऊ गांव में चिन्ना अहिरवार नाम के एक बुजुर्ग शुक्रवार शाम करीब 4:00 बजे इस दुनिया को छोड़ चले गए। गांव के लोग उनके अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए उनके घर पहुंचने लगे। पर वहां तो विवाद की स्थिति देखने को मिली। शनिवार दोपहर 2:00 बजे तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था। क्योंकि चिन्ना अहिरवार के इकलौते बेटे राजू अहिरवार ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था।
जिसके नाम जमीन वही करे क्रियाकर्म- बेटा

राजू का कहना था कि उसके पिता ने पैतृक जमीन उसकी बहन के नाम कर दी है। इसलिए अब उनका अंतिम संस्कार करना उसकी जिम्मेदारी नहीं है। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और राजू को समझाने की कोशिश की। इस कारण अर्थी 22 घंटे तक घर के बाहर रखी रही। पुलिस और समाज के लोग बेटे को समझाने की कोशिश कर रहे थे, पर उसपर कोई असर नहीं हुआ। उसका कहना है कि जिसके नाम जमीन है वही अंतिम संस्कार करेगा।

तीन साल पुराना है विवाद
गांव के बुजुर्ग रामकिशोर ने बताया कि चिन्ना अहिरवार ने करीब तीन साल पहले अपनी बेटी के नाम जमीन की रजिस्ट्री करवा दी थी। तभी से राजू इस बात से नाराज था और पिता से बातचीत तक बंद कर दी थी। अब पिता की मृत्यु के बाद भी वह अपनी नाराजगी नहीं छोड़ रहा है। गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस लगातार मौके पर डटी हुई है, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।

तीन साल से नाराज है बेटा

गांव के लोगों ने बताया कि करीब 3 साल पहले चिन्ना अहिरवार ने अपनी बेटी के नाम जमीन की रजिस्ट्री करा दी थी। तभी से उनका इकलौता बेटा राजू अहिरवार नाराज है।