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विशेषज्ञों ने टिकाऊ विकास का समर्थन करने के लिए भू-स्थानिक जानकारी के महत्व पर चर्चा की

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दूसरे संयुक्त राष्ट्र विश्व भू-स्थानिक सूचना कांग्रेस (यूएनडब्ल्यूजीआईसी) में विशेषज्ञों ने इस पर चर्चा की कि कैसे टिकाऊ विकास व समाज कल्याण के साथ-साथ डिजिटल परिवर्तन और तकनीकी विकास के माध्यम से पर्यावरण व जलवायु से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए भू-स्थानिक जानकारी से लोगों को सक्षम करना महत्वपूर्ण है।

ऑर्डिनेन्स सर्वे ऑफ यूनाइटेड किंगडम के मुख्य भू-स्थानिक अधिकारी डेविड हेंडरसन ने  यूएनडब्ल्यूजीआईसी के एक पूर्ण सत्र में विस्तार से बताया कि सतह के तापमान और गर्मी के प्रभाव के प्रतिरूपण में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग कैसे किया जा रहा है।

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उन्होंने आगे कहा, “हम इन तकनीकों का उपयोग हमारे पर्यावरण में परिवर्तनों के प्रभाव को मापने, योग्यता प्राप्त करने व व्यक्त करने, जनसंख्या के साथ-साथ जोखिम वाले बुनियादी ढांचे के 3 प्रकार के प्रभावों के माध्यम से उनकी पहचान करने और हरित क्षेत्र की परिकल्पना करने में सहायता के लिए कर रहे हैं।”

बेल्जियन नेशनल मैपिंग एजेंसी के नेशनल ज्योग्राफी इंस्टीट्यूट के एडमिनिस्ट्रेटर जनरल इंग्रिड वांडेन बर्घे ने अंतरिक्ष के दृष्टिकोण से टिकाऊ विकास को देखने के महत्व को रेखांकित किया, जिसे उन्होंने “एक बहुत ही रोचक अंतर्दृष्टि (इनसाइट) लाने वाला” बताया।

कौटिल्य स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी के डीन सैयद अकबरुद्दीन ने जीपीएस को नेविगेशन उपकरण बताया। उन्होंने कहा, “जीपीएस ने ईंधन के उपयोग को 15-21 फीसदी कम करने में सहायता की है। हम सभी इसका उपयोग यह अनुभव किए बिना करते हैं कि हमारी व्यक्तिगत खोज विश्व के लिए क्या कर रही है।”

पूर्व राजदूत ने बताया, “यह केवल एक भू-स्थानिक एप्लीकेशन है, जिसका हम सभी उपयोग करते हैं, उस बड़ी छवि से बेखबर होकर जिसमें हम योगदान दे रहे हैं। विश्व में कोई भी अन्य तकनीक नहीं है, जो ईंधन दक्षता में सुधार करने में इतनी अधिक सहायता करती है।”

इथियोपिया की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स प्रयोगशाला एनीवन कैन कोड (एसीसी) की सीईओ बेतेलहेम डेसी ने कहा, “इथियोपिया जैसे विकासशील देश के लिए मानव संसाधनों को जरूरी कौशल समूह से युक्त करना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंत में लोग नवाचार और तकनीक के निचले स्तर पर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे बताया कि बच्चों व विश्वविद्यालयों के साथ जल्दी शुरुआत करना और सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी संस्थानों के बीच भी समन्वय स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण है।

इस पांच दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) कर रहा है। वहीं, वैश्विक भू-स्थानिक सूचना प्रबंधन पर संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की समिति ने इसका आयोजन किया है। इस सम्मेलन की विषयवस्तु ‘वैश्विक ग्राम को भू-सक्षम करना: कोई भी पीछे न रहें’ है। यह दूसरा यूएनडब्ल्यूजीआईसी- 2022 सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन और निगरानी का समर्थन करने के लिए एकीकृत भू-स्थानिक सूचना बुनियादी ढांचे और ज्ञान सेवाओं के महत्व को दिखाता है।