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ED ने बताया है कि इस कानून के तहत अब तक 1.45 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी, दिया हिसाब

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नई दिल्ली
देश में मनी लॉन्ड्रिंग और उससे जुड़े मामलों पर नजर रखनी वाली एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल ही में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) से जुड़े कुछ आंकड़े पेश किए हैं। ED ने बताया है कि इस कानून के तहत अब तक 1.45 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। ED के आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों में ही 21,370 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। गौरतलब है कि PMLA कानून को 1 जुलाई 2005 से लागू किया गया था। इसका उद्देश्य टैक्स चोरी, काले धन की जमाखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों पर लगाम लगाना था।

इस कानून के बनने के बाद से एजेंसी ने अब तक 911 लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक 44 मामलों में PMLA के तहत 100 लोगों को दोषी ठहराया गया है, जिनमें से 36 लोगों को बीते अप्रैल से दिसंबर के बीच दोषी ठहराया गया है। नाम ना बताने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "पिछले पांच-छह सालों में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और कई शीर्ष नेताओं, व्यापारियों, हवाला कारोबारियों, साइबर अपराधियों और तस्करों को गिरफ्तार किया है।"

मोदी सरकार आने के बाद हुआ इजाफा
ED के आंकड़ों के मुताबिक 2024 से पहले ED ने कुल 1.24 लाख करोड़ रुपये जब्त किए थे। इसमें से अधिकतर संपत्ति यानी लगभग 1.19 लाख करोड़ रुपये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद जब्त की गई है। हालांकि कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ सालों में ED ने इस कानून दुरुपयोग किया है और विपक्षी पार्टियों को निशाना बनाया गया है। वहीं केंद्र ने एजेंसी की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि यह एक स्वतंत्र एजेंसी है और इसकी जांच पूरी तरह निष्पक्ष होती है।

2024 में मिली है बड़ी सफलता
भ्रष्टाचारियों का शिकार बने पीड़ितों और बैंकों जैसे वैध दावेदारों को जब्त की गई संपत्तियों को वापस उन तक पहुंचाने में भी ED को 2024 में बड़ी सफलता मिली है। ED ने अब तक 22,737 करोड़ रुपये वैध दावेदारों तक पहुंचाई है। वहीं अप्रैल 2024 से अब तक 7,404 करोड़ रुपये वापस किए गए हैं। जिन मामलों में बैंकों या पीड़ितों को पैसा वापस दिया गया है उनमें विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, रोज वैली चिटफंड घोटाला, नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) फ्रॉड और मामले शामिल हैं।