डीएसटी-सीआईआई टेक समिट ने 8वें औद्योगिक इनोवेशन पुरस्कारों में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की क्षमता रखने वाले औद्योगिक इनोवेशन को मान्यता दी

27वें डीएसटी सीआईआई प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन 2021में आज औद्योगिक नवोत्पादों के लिये कंपनियों, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों को कुल 33 पुरस्कार प्रदान किये गये।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (डीएसटी) भारत सरकार के सचिव डॉ एस चंद्रशेखर और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के पूर्व अध्यक्ष एवं सीआईआई राष्ट्रीय स्टार्टअप परिषद के अध्यक्ष श्री क्रिस गोपालकृष्णन द्वारा 8 वें सीआईआई औद्योगिक इनोवेशन पुरस्कार 2021 प्रदान किये गये, जिसमें 25 शीर्ष इनोवेटिव कंपनी पुरस्कार, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों को 7 पुरस्कार और 1 मुख्य पुरस्कार शामिल है।
कंपनियों के पुरस्कार प्रक्रियाओं, उत्पादों, सेवाओं, प्रौद्योगिकियों और अन्य प्रकार के इनोवेशन के लिये दिये गये जो उद्योग के विकास में बढ़ावा देने की क्षमता रखते हैं, और शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों को विभिन्न निजी और सार्वजनिक उद्यमों के प्रयासों में सहायता करने में उनके योगदान के लिये पुरस्कार दिये गये। मुख्य पुरुस्कार साल की सबसे इनोवेटिव कंपनी को दिया गया। उद्योग-अकादमिक सहयोग के माध्यम से इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले उद्योग के लिये इस वर्ष पुरस्कार की एक विशेष श्रेणी की शुरुआत की गयी थी।
“हम एक राष्ट्र के रूप में आज वैज्ञानिक और तकनीकी कौशल के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक के रूप में खड़े हैं। भारत केवल 6 वर्षों में 35 स्थानों की छलांग के साथ ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2021 में 46वें स्थान पर पहुंच गया और हम दुनिया के शीर्ष 5 इनोवेटिव देशों में पहुंचने के लिए तत्पर हैं, “डॉ चंद्रशेखर ने अपने मुख्य भाषण में कहा।
उन्होंने वैश्विक मापदडों के अनुसार कृषि में काम करने के तरीकों में बदलाव के लिये और ब्राजील या चीन के बराबर पहुंचने के लिये प्रति हेक्टेयर उत्पादन में वृद्धि को लेकर कृषि क्षेत्र में इनोवेशन की आवश्यकता पर जोर दिया ।
“हमें फायदा उठाने के लिए (ऊर्जा, पानी, परिवहन, स्वास्थ्य देखभाल, खाद्य सुरक्षा जैसे आंतरिक बाजार की जरूरतों को पूरा करके) इनोवेशन आधारित उद्यमों को सही वातावरण देने पर और ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। भारत सरकार और उद्योग दोनों ही प्रौद्योगिकी और उद्यम के संमिलन के लिये मिलकर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें संभालने और अपनाने के लिये और अधिक बारीकी से काम करने की जरूरत है। यह अर्थव्यवस्था और समाज के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।” उन्होने आगे कहा।
उन्होंने नवोन्मेषकों से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को किफायती और लंबे समय तक कायम रहने योग्य बनाने के लिए इनोवेशन करने और उद्योगों में क्रांति लाने के लिए उनका पोषण जारी रखने का भी आग्रह किया, जिससे एक रोमांचक भविष्य बनाया जा सके।
डॉ. एस. चंद्रशेखर ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक इनोवेशन पुरस्कार नवप्रवर्तकों को निवेशक खोजने में मदद करेंगे जो उनके इनोवेशन को भविष्य के उत्पादों में बदल देंगे।
श्री क्रिस गोपालकृष्णन, पूर्व अध्यक्ष, सीआईआई और अध्यक्ष, सीआईआई नेशनल स्टार्टअप काउंसिल ने अपने विशेष संबोधन में 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी के रूप में अनुसंधान, इनोवेशन और उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग आदि जैसे उभरते क्षेत्र इनोवेशन अर्थव्यवस्था को चलाने जा रहे हैं, और यह भारत के लिए न केवल 10 लाख करोड़ डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने का बल्कि नवोन्मेषी उत्पाद बनाने में विश्व का नेतृत्व करने का भी एक अच्छा अवसर है ।
श्री संजीव के वार्ष्णेय, प्रमुख, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार, ने भी डीएसटी और सीआईआई अधिकारियों और विजेताओं और अन्य आवेदकों के साथ पुरस्कार समारोह में भाग लिया।
सीआईआई इंडस्ट्रियल इनोवेशन अवार्ड्स की स्थापना 2014 में उद्योग सेग्मेंट और सेक्टर में इनोवेटिव भारतीय उद्यमों की पहचान करने और उनका सम्मान करने के लिये की गयी थी। पुरस्कार कंपनियों को उनके नवीन उत्पादों और सेवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। इन पुरस्कारों ने खुद को देश में सबसे प्रतिष्ठित इनोवेशन पुरस्कारों में से एक के रूप में स्थापित किया है। पुरस्कार सभी प्रकार की इनोवेटिव प्रक्रियाओं, उत्पादों, सेवाओं, प्रौद्योगिकियों और अन्य प्रकार के इनोवेशन का मूल्यांकन करते हैं जो उद्योग में विकास को बढ़ावा देने की क्षमता रखते हैं। वे स्पष्ट परिणामों के साथ-साथ नये विचारों और दृष्टिकोणों का भी आकलन करते हैं।
