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कर्नाटक के बेलगावी में लिंगायतों के सबसे बड़े उप-संप्रदाय पंचमसाली समुदाय आरक्षण की मांग पर प्रदर्शन

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बेंगलुरु
कर्नाटक के बेलगावी में लिंगायतों के सबसे बड़े उप-संप्रदाय पंचमसाली समुदाय आरक्षण की मांग पर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मंगलवार को उनका आंदोलन तब हिंसक हो गया, जब इस समुदाय के धार्मिक प्रमुख बसवजय मृत्युंजय स्वामीजी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर विधान सौध (विधानसभा) की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस घटना में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। सोमवार से ही विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है।

प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी थी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे विधान सौध का घेराव करेंगे। आज जब प्रदर्शनकारी इसी मंशा से विधान सभा की ओर बढ़ने लगे और बैरिकेडिंग तोड़ी तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए उन पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने इस दौरान भाजपा के कई सांसदों और मृत्युंजय स्वामीजी के साथ-साथ उनके कई समर्थकों को ऐहतियातन हिरासत में लिया है। इस घटना के बाद सड़क पर जूते बिखरे पड़े मिले। लाठीचार्ज से पहले प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस भी हुई। बता दें कि स्वामी ने मंगलवार को बेलगावी में ट्रैक्टर रैली की योजना बनाई थी, लेकिन जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी और शहर में ट्रैक्टरों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया।

दरअसल, कुदाल संगम के पंचमसाली गुरु पीठ के पुजारी दिसंबर 2012 से ही पंचमसाली समुदाय को अन्य पिछड़ी जातियों की 2ए श्रेणी के अंतर्गत लाने के लिए राज्य सरकार पर दबाव डाल रहे हैं। यह समुदाय फिलहाल 3बी श्रेणी के अंतर्गत आता है और सरकारी शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में इसे पांच प्रतिशत आरक्षण मिलता है। उनकी मांगें अगर पूरी हो जाती हैं तो समुदाय को 15 प्रतिशत आरक्षण मिल सकेगा। लिंगायतों को कर्नाटक में सबसे बड़ा जाति समूह माना जाता है और यह राज्य की आबादी का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा है। यह सब अनौपचारिक अनुमानों के आधार पर कहा जाता है क्योंकि इस दावे का साबित करने के लिए कोई अनुभवजन्य डेटा उपलब्ध नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने संत से मुलाकात की और उनके संघर्ष को समर्थन दिया। विजयेंद्र ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने स्वामी को बताया कि जब उनके पिता बी एस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री थे, तो पंचमसाली समुदाय को 3बी के तहत आरक्षण दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह धारणा बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि भाजपा इस संघर्ष का समर्थन नहीं करती है क्योंकि येदियुरप्पा इसके विरोध में हैं, जो गलत है और सच्चाई से कोसों दूर है।