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कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने तेलंगाना की ऊर्जा सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कदम उठाए

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नई दिल्ली, 06जुलाई। ओडिशा में 10 मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता वाली नैनी कोयला खदान 13.08.2015 को सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) को आवंटित की गई थी। इससे निकलने वाले कोयले का एससीसीएल के ताप विद्युत संयंत्र में कैप्टिव उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जाना था। अक्तूबर 2022 में स्टेज-II वन मंजूरी प्राप्त होने के बाद वन भूमि सौंपने में इस खदान को असामान्य देरी का सामना करना पड़ रहा था, जिससे खदान के संचालन में देरी हुई है।

कार्यभार संभालने के बाद, केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सहकारी संघवाद की भावना से लंबे समय से लंबित इस मुद्दे को हल करने और खदान को जल्द से जल्द चालू करने के लिए ओडिशा सरकार के साथ व्यापक चर्चा की है। इसके परिणामस्वरूप, 04.07.2024 को एससीसीएल को 643 हेक्टेयर वन भूमि सौंपने की मंजूरी दे दी गई है। जी किशन रेड्डी ने इस मुद्दे को जल्दी से हल करने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

अब एससीसीएल के जल्द ही खदान से उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है। इस कदम से तेलंगाना की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों को और ज्यादा मजबूती और सुरक्षा मिलेगी।