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“यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचएसी) डे 2022” समारोह 10 दिसंबर को वाराणसी में

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उत्तरप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल “बिल्ड दी वर्ल्ड वी वॉन्टः ए हेल्दी फ्यूचर फॉर ऑल” विषय पर स्वास्थ्य मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगी

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय उत्तरप्रदेश के वाराणसी में 10 और 11 दिसंबर, 2022 को “यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे (यूएचसी) 2022” (सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवच) विषयक दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। उत्तरप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार की उपस्थिति में दो दिवसीय समारोह का उद्घाटन करेंगी। कार्यक्रम का आयोजन इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एंड कनवेन्शन सेंटर रुद्राक्ष हॉल में किया जायेगा। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री सम्मिलित होंगे। इसके अलावा इस दो दिवसीय सम्मेलन में स्वास्थ्य एसीएस/प्रमुख सचिव, एनएचएम के मिशन निदेशक, स्वास्थ्य निदेशक, 900 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी/स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों के प्रभारी तथा पांच राज्यों-उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड के चिकित्सा अधिकारी शामिल होंगे। साथ ही एबी-एचडब्लूसी के क्रियान्वयन के विकास साझीदार तथा राष्ट्रीय विशेषज्ञ भी सम्मेलन में रहेंगे। इस तरह वाराणसी में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में 1200 से अधिक लोग हिस्सा लेंगे।

सार्वजनिक स्वास्थ्य कवच का लक्ष्य, “सभी लोगों को आवश्यक उन प्रोत्साहनयुक्त, रोकथामयुक्त, उपचारयुक्त और पुनर्वासयुक्त स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मिले, जो पर्याप्त गुणवत्तायुक्त प्रभावकारिता रखती हों; साथ ही यह भी सुनिश्चित हो सके कि लोगों को इन सेवाओं को प्राप्त करने में कोई वित्तीय कठिनाई का सामना न करना पड़े” है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में संयुक्त राष्ट्र ने 12 दिसंबर को आधिकारिक रूप से “इंटरनेशनल यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे” घोषित किया था। यूएचसी दिवस की विषयवस्तु बिल्ड दी वर्ल्ड वी वॉन्टः ए हेल्दी फ्यूचर फॉर ऑल (अपने वांच्छित विश्व की रचनाः सबके लिये स्वास्थ्यपूर्ण भविष्य) है, जिसके तहत सबके लिये स्वस्थ भविष्य के निर्माण में स्वास्थ्य कवच के महत्त्व और भूमिका को रेखांकित किया जा रहा है। इसके अलावा जी-20 स्वास्थ्य विमर्श की प्राथमिकताओं में भी यह शामिल है। इसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य कवच तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सेवा आपूर्ति को रखा गया है।

यूएचसी सम्मेलन के अंग के रूप में तीन मंत्री स्तरीय सत्र होंगे, जो इस प्रकार हैं:

  1. पीएम-एबीएचआईएम और स्वास्थ्य के लिये 15 वित्त आयोग अनुदान
  2. रोग उन्मूलन – (टीबी, काला अजार, लिम्फेटिक फाइलेरियेसिस, मलेरिया, कुष्ठ)
  3. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएजेएवाई) का क्रियान्वयन और पीएमजेएवाई कार्डों का वितरण

डॉ. मनसुख मंडाविया उद्घाटन समारोह में एबी-एचडब्लूसी, टेली-मानस सहित सीएचओ तथा सशक्त पोर्टल के लिये प्रशिक्षण प्रारूप के परिचालन दिशा-निर्देश भी जारी करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का अभिनन्दन भी करेंगे।

इस वर्ष बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निम्नलिखित विषयवस्तुओं पर पुरस्कृत किया जायेगाः

  1. लक्ष्य के आधार पर एचडब्लूसी परिचालन की उपलब्धि
  2. टेली-परामर्श
  3. आभा पहचान-पत्र सृजन और विभिन्न स्वास्थ्य पोर्टलों में निरूपण

उत्तरी भारत के लिये पहला क्षेत्रीय समुदाय स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) सम्मेलन भी इस दौरान आयोजित किया जायेगा। इसमें उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड भाग लेंगे, जहां से लगभग 900 सीएचओ और एमबीबीएस मेडिकल अधिकारियों तथा आयुष चिकित्सकों (पीएचसी तथा आयुष डिसपेंसरियों के प्रभारी) के सम्मिलित होने की आशा है। इन राज्यों के स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों की सर्वश्रेष्ठ प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा टीमों (सीएचओ, आशा और एएनएम) का भी अभिनन्दन किया जायेगा। क्षेत्रीय सीएचओ सम्मेलन की चार मुख्य विषयवस्तुओं के जरिये निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जायेगाः

 

  1. क्लीनिकल और जन स्वास्थ्य कार्यकलाप – सेवाओं के विस्तृत पैकेज को लागू करना, आरोग्य गतिविधियों का आयोजन तथा वार्षिक स्वास्थ्य समय-सारिणी आदि
  2. प्रबंधकीय कार्यकलाप – एचडब्लूसी का नेतृत्व, एचडब्लूसी का प्रबंधन, आंकड़ों पर आधारित आयोजन और निगरानी
  3. समुदाय संपर्क एवं आयुष एकीकरण – जन आरोग्य समिति के साथ कार्य, अन्य विभागों के साथ तालमेल की कार्रवाई, एचडब्लूसी में आयुष सेवायें
  4. सूचना प्रौद्योगिकी पहलें – ई-संजीवनी के जरिये टेलीमेडिसिन और सेवा-सुश्रुषा की निरंतरता, टेलीमानस आभा-पहचान पत्र