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बिहार-पश्चिम चंपारण के राजा टार्जन जीतना चाहते हैं देश के लिए गोल्ड

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पश्चिम चंपारण.

पश्चिम चंपारण के बगहा पुलिस जिले के पाकड़ गांव निवासी राजा यादव को 'बिहारी टार्जन' के नाम से जाना जाता है। इन दिनों वह अपनी अद्भुत फिटनेस और तेज रफ्तार के कारण सुर्खियों में हैं। अपनी मेहनत और अनूठी ट्रेनिंग के दम पर राजा यादव आज देश भर में चर्चित हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें वे थार और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियों के साथ दौड़ते नजर आते हैं।

राजा यादव के मुताबिक, वह 40-45 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ सकते हैं और रोजाना 20 से 25 किलोमीटर तक दौड़ लगाते हैं। राजा यादव का सपना अपने पिता लालबाबू पहलवान के अधूरे सपने को पूरा करना है, जो खुद एक नेशनल प्लेयर रह चुके हैं और गोल्ड मेडल जीतना चाहते थे। पिता के इस अधूरे सपने को पूरा करने के लिए राजा यादव खुद कड़ी मेहनत कर रहे हैं और देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि वह सरकार से समर्थन चाहते हैं, ताकि वह अपने प्रशिक्षण को और बेहतर बना सकें और देश के लिए गौरव प्राप्त कर सकें।

'बिहारी टार्जन' बनने की यात्रा
राजा यादव का इंस्टाग्राम अकाउंट राजा यादव फिटनेस पर उनके एक मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं, जहां वे अपने अनोखे फिटनेस वीडियो साझा करते हैं। वे जंगलों और कच्ची सड़कों पर कठिन ट्रेनिंग करते हैं और बिना किसी आधुनिक सुविधाओं के फिटनेस के प्रति अपने जुनून को निभाते हैं। यही कारण है कि उन्हें 'बिहारी टार्जन' और 'बिहार का बोल्ट' जैसे उपनाम मिले हैं। उनके वीडियो में उनकी फुर्ती और ताकत का एक अद्भुत मेल देखने को मिलता है, जो उनके प्रशंसकों को प्रेरित करता है।

फिटनेस मंत्र और कठिन ट्रेनिंग
राजा यादव की ट्रेनिंग का हिस्सा रोजाना 3,000 पुश-अप्स करना और चार घंटे तक लगातार दौड़ना है। वह मानते हैं कि उनकी तेज गति का राज नियमित ट्रेनिंग है। उन्होंने आर्मी भर्ती के दौरान 11 बार दौड़ में 'एक्सलेंट' दर्जा हासिल किया है। उनकी सफलता का एक और राज उनकी डाइट में छिपा है। वह नियमित रूप से भैंस का कच्चा दूध पीते हैं, जिसे वह अपनी शक्ति का मुख्य स्रोत मानते हैं।
स्थानीय स्तर पर कुश्ती में भी नाम
राजा यादव न केवल धावक हैं, बल्कि कुश्ती में भी सक्रिय हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर कई कुश्ती प्रतियोगिताएं जीती हैं और अपनी स्ट्रेंथ और स्टेमिना बनाए रखने के लिए कुश्ती का अभ्यास करते हैं। उनका मानना है कि फिटनेस और आत्मविश्वास ही उन्हें आगे बढ़ने में मदद करते हैं। उनकी अनोखी मेहनत और संकल्प उन्हें देश के लिए कुछ बड़ा करने की ओर प्रेरित करते हैं।