Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

प्लूटो की सतह पर वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी से 80,000 गुना कम है : देवस्थल वेधशाला के अवलोकन पर आधारित अध्ययन

498
Tour And Travels

भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों सहित वैज्ञानिकों की एक टीम ने इसकी सतह पर प्लूटो के वायुमंडलीय दबाव का सटीक मान निकाला है। यह पृथ्वी पर औसत समुद्र तल पर वायुमंडलीय दबाव से 80,000 गुना कम है।

दबाव की गणना 6 जून 2020 को प्लूटो द्वारा तारकीय गूढ़ता के अवलोकन से प्राप्त आंकड़ों द्वारा की गई थीI इसके लिए उतराखंड के देवस्थल, नैनीताल में स्थित 3.6-मीटर देवस्थल ऑप्टिकल टेलीस्कोप (डीओटी) (भारत के सबसे बडे ऑप्टिकल टेलीस्कोप) और 1.3-मीटर देवस्थल फास्ट ऑप्टिकल टेलीस्कोप (डीएफओटी) टेलीस्कोप का उपयोग किया गया था।   खगोल विज्ञान में ऐसे प्रच्छादन (ऑकल्टेशन्स) तब होते हैं, जब कोई खगोलीय वस्तु उनके बीच से गुजरने वाली किसी अन्य खगोलीय वस्तु के कारण पर्यवेक्षक की दृष्टि से ओझल हो  जाती है। 1988 और 2016 के बीच प्लूटो द्वारा किए गए ऐसे बारह तारकीय प्रच्छादनों (स्टेलर ऑकल्टेशन्स) के संकलन ने इस अवधि के दौरान वायुमंडलीय दबाव में तीन गुना  मोनोटोनिक वृद्धि दिखाई।   आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज –एआरआईईएस), नैनीताल के सदस्यों सहित वैज्ञानिकों की एक अंतर्राष्ट्रीय टीम ने प्लूटो की सतह पर वायुमंडलीय दबाव का सटीक मूल्यांकन प्राप्त करने के लिए अपने अवलोकनों में प्रयुक्त परिष्कृत उपकरणों से प्राप्त सिग्नल-टू-शोर अनुपात प्रकाश वक्र का उपयोग किया। यह पृथ्वी पर औसत समुद्र तल पर वायुमंडलीय दबाव से 80,000 गुना कम – अर्थात 12.23 माइक्रोबार पाया गया। उन्होंने यह भी पाया कि सतह पर दबाव प्लूटो के मौसमी सर्वाधिक स्तर के करीब है।   ‘एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स (एपीजेएल)’ में प्रकाशित शोध से पता चला है कि 2015 के मध्य से ही प्लूटो का वातावरण अपने सर्वाधिक स्तर के करीब एक पठारी चरण में है एवं 2019 में प्लूटो वाष्पशील परिवहन मॉडल द्वारा पहले गणना किए गए मॉडल मूल्यों के अनुरूप उत्कृष्ट स्थिति में है। टीम ने आगे बताया कि यह ऑकल्टेशन् विशेष रूप से सामयिक था क्योंकि यह प्लूटो के वायुमंडल के विकास के मौजूदा मॉडलों की वैधता का परीक्षण कर सकता है। अध्ययन पहले के उन निष्कर्षों की भी पुष्टि करता है कि प्लूटो पर बड़े डिप्रेशन के कारण यह ग्रह ऐसे तीव्र मौसमी सोपानों (एपिसोडस) से ग्रस्त है जिन्हें स्पुतनिक प्लैनिटिया के रूप में जाना जाता है। प्लूटो के ध्रुव दशकों तक स्थायी सूर्य के प्रकाश या अंधेरे में 248 साल की लंबी कक्षीय अवधि में बने रहते हैं जिससे इसके नाइट्रोजन (एन 2) वातावरण पर तीव्र  प्रभाव पड़ता है जो मुख्य रूप से सतह पर एन 2 बर्फ के साथ वाष्प दबाव संतुलन द्वारा नियंत्रित होता है। इसके अतिरिक्त जैसा कि पृथ्वी से देखा जाता है कि प्लूटो अब गेलेक्टिक प्लेन से दूर जा रहा है तथा क्षुद्र ग्रह द्वारा हो रहे तारकीय प्रच्छादन (स्टेलर ऑकल्टेशन्स)   अब तेजी से दुर्लभ होते जा रहे हैं  जिसके कारण यह घटना निर्णायक बन गई है। प्रकाशन लिंक: https://iopscience.iop.org/article/10.3847/2041-8213/ac4249 योगदानकर्ता: ब्रूनो सिकार्डी, नागरहल्ली एम. अशोक, आनंदमयी तेज, गणेश पवार, शिशिर देशमुख, अमेया देशपांडे, सौरभ शर्मा, जोसेलिन डेसमार्स, मार्सेलो असाफिन, जोस लुइस ऑर्टिज़, गुस्तावो बेनेडेटी-रॉसी, फेलिप ब्रागा-रिबास, रॉबर्टो विएरा-मार्टिंस पाब्लो सैंटोस-सांज, कृष्ण चंद, और भुवन सी. भट्ट I अधिक जानकारी के लिए, डॉ सौरभ (एआरआईईएस) (saurabh[at]aries.res.in, प्रो. एनएम अशोक (पीआरएल) (ashoknagarhalli [at] gmail.com), प्रो. आनंदमयी तेज (आईआईएसटी)  (tej[at]iist.ac.in) से संपर्क किया जा सकता है।

image001SL35 Hindi News Website

चित्रनीले वक्र (ब्लू कर्व्स) 6 जून 2020 के तारकीय प्रच्छादन (स्टेलर ऑकल्टेशन्स )के लिए एक साथ अनुकूल हैं, जो प्लूटो लाइट कर्व्स (काले वर्गद्वारा प्राप्त किए गए हैंजो कि 320-सेकेंड के अंतराल पर देवस्थल में एआरआईईएस के 3.6-मीटर और 1.3-मीटर टेलीस्कोप के साथ प्लूटो लाइट कर्व्स  द्वारा प्राप्त किए गए हैं। अवशिष्ट (अवलोकनशून्यमॉडलप्रत्येक प्रकाश वक्र के नीचे हरे रंग में प्लॉट किए जाते हैं। 2d का मानप्रत्येक अनुकूलता (फिट)  के लिए χप्रति डिग्री स्वतंत्रता के साथप्रत्येक प्रकाश वक्र के निचले दाएं कोने में प्रदर्शित होता है। निचली और ऊपरी क्षैतिज रेखाएँ क्रमशः सामान्यीकृत कुल प्रवाह (स्टार प्लूटो चैरोनऔर शून्य प्रवाह स्तर हैं। बेहतर पर्यवेक्षण के लिए 3.6-मीटर प्रकाश वक्र को +1.2 से लंबवत स्थानांतरित कर दिया गया है।

Description: C:\Users\Admin\Downloads\1.3m DFOT.png                  Description: C:\Users\Admin\Downloads\3.6m_DOT.jpg

( क ) 1.3 मीटर  डीएफओटी                           ( ख ) 3.6 मीटर  डीओटी