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अंबाला सदर नगर परिषद के निकाय चुनाव को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दी चुनौती

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हरियाणा
अंबाला सदर नगर परिषद के निकाय चुनाव को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। पूर्व सदस्य सुरेश त्रेहन ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर गुहार लगाई है कि 40 हजार मृत लोग चुनाव में वोट डाल सकते हैं। आरोप है कि कई वोटर्स की डबल और ट्रिपल वोट भी हैं। ऐसे में इन हजारों वोट का गलत इस्तेमाल हो सकता है। याचिका के बाद अंबाला में हड़कंप मचा हुआ है। हाईकोर्ट में 19 फरवरी को इस मामले में सुनवाई होगी।
 
त्रेहन ने याचिका में नगर परिषद के लिए तैयार की गई फाइनल मतदाता सूची पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में 40 हजार के आसपास मृतक वोटर हैं। इसके अलावा कई मतदाताओं की डबल व ट्रिपल वोट है। उनके बार-बार आग्रह के बावजूद मतदाता सूची को दुरुस्त नहीं किया गया। त्रेहन ने कहा कि मृतक की जगह फर्जी वोट पोल होने की ज्यादा संभावनाएं हैं। नपा अधिकारियों ने सियासी दबाव में इन मृतक वोटरों को सूची से नहीं हटाया और न ही एक मतदाता की बनी डबल व ट्रिपल वोटों को हटाया गया। ऐसे में निष्पक्ष चुनाव होना संभव नहीं है।
 
पूर्व सदस्य सुरेश त्रेहन ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से चुनाव के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में शामिल दो पूर्व सदस्य ओंकार नाथी व सुरेश विग को कांग्रेसी करार दिया गया था। त्रेहन का आरोप है कि कांग्रेस ने पहले कभी सिंबल पर नगर परिषद का चुनाव नहीं लड़ा था। ऐसे में दोनों पूर्व सदस्यों के कांग्रेसी होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उनका आरोप है कि म्यूनिसिपल एक्ट को ताक पर रखकर एडहॉक कमेटी गठित की गई थी।

 मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी छावनी के चारों मंडल प्रधानों ने एक संयुक्त बयान में चित्रा सरवारा पर नपा चुनाव रुकवाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। मंडल प्रधानों ने कहा कि नगर परिषद चुनावों को रुकवाने के मकसद से चित्रा सरवारा की ओर से हाईकोर्ट में 6 फरवरी को सिविल याचिका दायर की गई है ताकि नगर परिषद चुनाव को रुकवाया जा सके। चुनावों के संबंध में चित्रा सरवारा ने हाईकोर्ट में अर्जेंट कैटेगरी में याचिका दायर की थी ताकि नगर परिषद चुनाव घोषित तय कार्यक्रम में न हो सके। प्रधानों ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा नगर परिषद चुनाव कराने के लिए इस बार पूरी तैयार कर ली है और इसका पूरा शेड्यूल जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि सरवारा ने अदालत में चुनाव रुकवाने के मकसद से याचिका दायर करवाई हो। इससे पहले भी वह ऐसी याचिका दायर कर चुकी हैं।