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आकाश आनंद ने पार्टी से निकाले जाने के बाद, बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती के मौके पर दी प्रतिक्रिया

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लखनऊ

 बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती द्वारा आकाश आनंद को पार्टी से बाह र किए जाने के बाद, उन्होंने पहली बार बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती के मौके पर प्रतिक्रिया दी है।आकाश ने कांशीराम जी को नमन करते हुए बहुजन समाज के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि 'हम बहुजन मूवमेंट को जारी रखेंगे और बहन जी के नेतृत्व में सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करेंगे।'

काशीराम की जयंती पर आकाश आनंद की प्रतिक्रिया
आकाश आनंद ने कांशीराम की 91वीं जयंती पर कहा, "बहुजन समाज को उसका सामाजिक और राजनीतिक अधिकार दिलाने वाले महानायक, बीएसपी, बामसेफ और DS4 के संस्थापक मान्यवर साहब श्री कांशीराम जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक सशक्तिकरण का जो आंदोलन शुरू किया, वह आज भी करोड़ों शोषित-वंचित लोगों को दिशा दे रहा है।" उन्होंने लोगों से कांशीराम के विचारों को सुनने और समझने की अपील की। उन्होंने कहा, "कांशीराम जी की जयंती पर उनके भाषणों को सुनें और संकल्प लें कि हम बहुजन मूवमेंट को जारी रखेंगे और आदरणीय बहन जी के नेतृत्व में बहुजन समाज को मजबूत कर सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करेंगे।"

मायावती की प्रतिक्रिया – BSP प्रमुख मायावती ने भी कांशीराम जी को नमन करते हुए कहा, "बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता व संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनके जन्मदिन पर BSP द्वारा देश भर में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। उनका ‘सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ आंदोलन आज भी बहुजन समाज के लिए प्रेरणादायक है।" उन्होंने यह भी कहा कि, 'बहुजन समाज' को गरीबी, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार, जातिवाद और सांप्रदायिक हिंसा से मुक्त करने के लिए सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करना जरूरी है। यही आज के दिन का सबसे बड़ा संदेश है।"

अखिलेश यादव ने कांशीराम को किया नमन समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, "मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर सबकी समानता और सामाजिक न्याय के संकल्प को दोहराते हुए शत् शत् नमन!"

BSP में बदलाव और राजनीतिक संकेत
आकाश आनंद को BSP से निष्कासित करने के मायने गहरे हैं। मायावती ने उनके निष्कासन की वजह संगठन के प्रति अनुभव की कमी और अनुशासनहीनता बताई थी। हालांकि, आकाश के इस बयान से यह स्पष्ट है कि वह अभी भी बहुजन समाज की राजनीति में सक्रिय रहना चाहते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह आने वाले समय में किस राजनीतिक भूमिका में नजर आते हैं।