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सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में एक छात्र को 90 पर्सेंट नंबर आने की उम्मीद थी, 75 पर्सेंट नंबर आने के बाद की आत्महत्या

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गुड़गांव
सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में 75 पर्सेंट नंबर आने के बाद भी गुरुग्राम के एक स्टूडेंट ने टाटा प्रमांती सोसाइटी की 15वीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। सीबीएसई की का परीक्षा परिणाम गत मंगलवार को जारी किया गया था। स्टूडेंट्स को 90 पर्सेंट नंबर आने की उम्मीद थी। 75 परसेंट नंबर आने के बाद वह मायूस हो गया और बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे वह बिल्डिंग से कूद गया। पुलिस ने स्टूडेंट के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बादशाहपुर थाना पुलिस के जांच अधिकारी अशोक ने बताया कि शौर्य शांडिल्य सेक्टर-49 के एक प्राइवेट स्कूल से 12वीं की परीक्षा दी थी। स्टूडेंट का पिता नोएडा की कंपनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं जबकि मां गृहिणी है। वहीं उसका बड़ा भाई अमेरिका में जॉब करता है। शौर्य का परिवार सोसायटी के टावर दो स्थित पहली मंजिल पर रहता है। बुधवार सुबह पिता ड्यूटी पर चले गए थे और घर पर मां व स्टूडेंट था। सुबह करीब 10.30 बजे वह लिफ्ट से 15वीं मंजिल पर चला गया और कूदने के बाद जब सोसायटी के लोगों को आवाज सुनी तो पुलिस को सूचना दी। इस घटना से माता-पिता सदमे में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी अंकों को लेकर प्रेशर नहीं किया था, लेकिन उसने फिर भी ऐसा कदम उठाया।

वहीं, मनोवैज्ञानिकों की मानें तो जब बच्चों के आशा के अनुरूप नंबर नहीं आते तो वह तनाव में चले जाते हैं और उनके मन में इस तरह के ख्याल आते हैं। ऐसे में पेरेंट्स को काफी सतर्क रहने की जरूरत है। मनोवैज्ञानिक की मानें तो कम मार्क्स आने पर पेरेंट्स बच्चों को डांटने की बजाय आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। इतना ही नहीं वह बच्चों से बात करें और उनके तनाव को खत्म करने के लिए उन्हें प्रेरित करें ताकि बच्चा कोई गलत कदम न उठाए।