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बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा- कांग्रेस पार्टी अब भारत विरोधी बन चुकी है

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नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी अब भारत विरोधी बन चुकी है। कांग्रेस के नेता अपनी बयानबाजी और कार्यों के जरिए देश की विकास और एकता के खिलाफ काम कर रहे हैं। गौरव भाटिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र है। किसी भी विदेशी संस्था को हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। यह तब और भी चिंताजनक हो जाता है जब संविधान को कायम रखने की शपथ लेने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वह पीएम मोदी से नफरत करते-करते देश से ही नफरत करने लगे हैं। वह अपने प्रयासों से पीएम मोदी को नहीं हरा सकते, इसलिए वह विदेशी ताकतों से समर्थन चाहते हैं।

भाजपा नेता ने आगे कहा कि यह चिंताजनक है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी, जिन्होंने हमारे देश की अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए भारत के संविधान के तहत शपथ ली है, भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं और हमारे देश की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के लिए भारत विरोधी ताकतों के लिए एक प्रोत्साहन के रूप में कार्य कर रहे हैं। राहुल गांधी पीएम मोदी को हराने के लिए विदेशी ताकतों का समर्थन ले रहे हैं। वह देश के लोकतंत्र को नष्ट करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में देश के लिए कोई ठोस नीति नहीं रही। कांग्रेस पार्टी ने देश के विकास के लिए नहीं बल्कि हमेशा केवल सत्ता के लिए ही काम किया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने मजबूत, निर्णायक शासन देखा है। राहुल गांधी इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि वह भारत, इसके संविधान और इसके नागरिकों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।

भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का भारत विरोधी रुख बेहद चिंताजनक हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बयान दिया है, जिसमें बताया गया कि कैसे यूएसएड फंडिंग का इस्तेमाल भारत की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के लिए किया जा रहा था। लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई "देशभक्त पत्रकारों और संगठनों के साथ" जिम्मेदारी से चिंता जताई कि विदेशी शक्तियां भारत के चुनावों में हस्तक्षेप कर रही हैं। इस हस्तक्षेप का उद्देश्य दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी को हटाना और देश के गौरव को कमजोर करना था। 2.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर देने का मकसद भारत की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना और पीएम मोदी को हटाना था।