Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

‘घोषणा के बाद भागने लगे यात्री, रास्ते हो गए थे ब्लॉक…’, NDLS भगदड़ पर RPF की रिपोर्ट

36
Tour And Travels

 नई दिल्ली

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात अचानक प्रयागराज स्पेशल ट्रेन का प्लैटफॉर्म बदलने की घोषणा से भगदड़ मची थी। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

नई दिल्ली स्टेशन के आरपीएफ इंस्पेक्टर द्वारा रविवार को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि शनिवार रात 8 बजे प्लैटफॉर्म संख्या 12 से शिव गंगा एक्सप्रेस रवाना होने के बाद स्टेशन पर भारी भीड़ जुटने लगी थी। इसके चलते प्लैटफॉर्म 12-13, 14-15 और 16 पर जाने वाले रास्ते जाम हो गए। सूचना पाकर एफओबी-2 पर पहुंचे सह सुरक्षा आयुक्त ने स्टेशन निदेशक को स्पेशल गाड़ी को यात्रियों से भरते ही चलाने की सलाह दी। साथ ही टिकट बिक्री बंद करने को भी कहा था।

'स्टेशन इंचार्ज को दी थी भगदड़ की सूचना'

रिपोर्ट के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ स्टाफ जब 8:45 बजे भीड़ से भरे FOB 2 और 3 को खाली करने की कोशिश कर रहा था, तभी अनाउंसमेंट हुआ कि कुंभ स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 12 से जाएगी. उसके कुछ देर बाद फिर से स्टेशन पर अनाउंसमेंट हुआ कि कुंभ स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 16 से जाएगी. जिसके बाद यात्रियों ने भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. आरपीएफ के अनुसार रात 8:48 बजे ड्यूटी स्टेशन इंचार्ज को भगदड़ की सूचना दी गई.

अनाउंमेंट के बाद भागने लगे यात्री: रिपोर्ट

रेलवे द्वारा किए गए अनाउंसमेंट सुनकर प्लेटफार्म 12- 13 और 14-15 से प्रयागराज स्पेशल के यात्री सीढ़ियों के रास्ते फूट ओवर ब्रिज 2 और 3 पर चढ़ने के लिए भागने लगे. इसी दौरान दूसरी ट्रेन के यात्री सीढ़ियों से उतर रहे थे, जिनके बीच धक्का-मुक्की हुई और इस अफरा-तफरी में कुछ लोग फिसलकर गिर गए, जिससे भगदड़ मच गई. ये हादसा रात 8 बजकर 48 मिनट पर हुआ था.

वहीं, भगदड़ के बाद राहत सहायता देने में 40 मिनट से अधिक की देरी हुई. दिल्ली फायर का कहना है कि उन्हें दिल्ली पुलिस से भगदड़ के बारे में पहली सूचना रात 9:55 बजे मिली थी. हालांकि, रेलवे ने अपने आधिकारिक कम्यूनिकेशन में बताया है कि भगदड़ रात 9:15 बजे हुई. इसके इतर आजतक ने देरी के बारे में जानने के लिए उत्तरी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.

आपको बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 यात्रियों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई लोगों घायल हो गए. मरने वालों में 9 महिलाएं, 4 पुरुष और 5 बच्चे शामिल हैं. ये सभी लोगों बिहार, दिल्ली और हरियाणा के रहने वाले थे.

रात 8.45 बजे मौके पर पहुंचे आरपीएफ जवान एफओबी-2 और 3 खाली कराने में जुट थे। इसी दौरान प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन के प्लैटफॉर्म संख्या 12 से जाने की घोषणा हुई। 3 मिनट बाद गाड़ी के प्लैटफॉर्म को बदलकर 16 करने की घोषणा हुई। उस समय प्लैटफॉर्म संख्या 14 पर मगध एक्सप्रेस और 15 पर उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस खड़ी थीं। प्लैटफॉर्म संख्या 14 पर प्रयागराज एक्सप्रेस और प्रयागराज स्पेशल के यात्री भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। प्रयागराज एक्सप्रेस को मगध एक्सप्रेस छूटने के बाद प्लैटफॉर्म-14 पर आना था।

घोषणा सुनकर प्लैटफार्म संख्या 12-13 और 14-15 से प्रयागराज स्पेशल के यात्री सीढ़ी के रास्ते एफओबी-2 और 3 पर चढ़ने लगे। इसी समय मगध एक्सप्रेस, प्रयागराज एक्सप्रेस और उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के यात्री सीढ़ियों से उतर रहे थे। धक्का-मुक्की से कुछ यात्री नीचे गिर पड़े और भगदड़ मच गई। रात 8:48 बजे आरपीएफ के सेक्टर इंचार्ज ने इसकी जानकारी रेलवे अफसरों को दी।
60 स्टेशनों पर स्थायी, अस्थायी केंद्र बनाए जाएंगे

नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ की घटना के बाद ट्रेन व स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन मैनुअल लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि इसके तहत देशभर के प्रमुख 60 रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए स्थायी-अस्थायी होल्डिंग एरिया बनेंगे।
विशेषज्ञ समिति गठित करने को याचिका

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ की घटना के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को याचिका दाखिल की गई। इसमें इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने का उपाय सुझाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को विशेषज्ञ समिति बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है।