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जबलपुर में तीन प्राइवेट स्कूलों को अभिभावकों को 9.81 करोड़ रुपये लौटाने होंगे

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 जबलपुर
 निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के विरुद्ध जिला प्रशासन की कार्रवाई जारी है। जिला समिति ने शहर के तीन और निजी स्कूलों द्वारा अवैधानिक रूप से बढ़ाई गई फीस अमान्य कर दी है। साथ ही 20 हजार विद्यार्थियों से फीस के रूप में वसूले 9.81 करोड़ रुपये वापस करने के निर्देश दिए हैं।

इन निजी स्कूलों के प्रबंधन पर मप्र निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 एवं 2020 के प्रविधानों का उल्लंघन करने के कारण दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला समिति के सदस्य सचिव व जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने स्कूलों के प्रबंधन को अवैधानिक रूप से बढ़ाई गई फीस की राशि 30 दिन के भीतर अभिभावकों को उसी रीति से वापस करने कहा है, जिस रीति से फीस प्राप्त की गई थी।

जांच में सामने आई मनमानी
मप्र निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 के तहत कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में गठित जिला समिति ने स्कूलों की जांच कराई। इसमें सामने आया कि आनंद कॉलोनी बल्देवबाग स्थित स्टेमफील्ड स्कूल, रायन इंटरनेशनल स्कूल और सिहोरा स्थित मारथोमा गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2018-19 से लेकर 2024-25 तक 20 हजार 569 विद्यार्थियों से नौ करोड़ 81 लाख रुपये फीस के रूप में अवैध रूप से वसूले गए।

समिति ने आदेश जारी कर अमान्य तरीके से वसूली फीस 30 दिन में वापस करने के साथ ही जुर्माना राशि लोक शिक्षण मप्र के बैंक खाते में जमा कराते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पावती पेश करने निर्देशित किया है।
अब तक 35 स्कूलों से 274 करोड़ की वापसी के हो चुके हैं निर्देश

अभिभावकों की शिकायत पर पहली बार जबलपुर में निजी स्कूलों की मनमानी के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर दीपक सक्सेना के मार्गदर्शन में अब तक शहर के 35 नामी सीबीएसई और एमपी बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूल संचालकों पर मनमाने ढंग से लिए गए शिक्षण शुल्क पर जांच बैठाई गई, बल्कि कुछ नामी स्कूल संचालकों को जेल भी भिजवाया गया।

अब तक हुई कार्रवाई का नतीजा ये रहा कि 35 निजी स्कूलों की फीस अमान्य करते हुए तीन लाख 89 हजार 146 विद्यार्थियों को 274 करोड़ 78 लाख रुपये वापस करने के निर्देश हो चुके हैं। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद निजी स्कूल संचालक सहमे हुए हैं।