Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

‘भाजपा ने मिल्कीपुर उपचुनाव में जीत के लिए फर्जी वोट डलवाए’, सपा सांसद अवधेश प्रसाद का दावा

31
Tour And Travels

अयोध्या
मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सपा प्रत्याशी अजीत प्रसाद को मिली हार पर फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद ने चौंकाने वाला बयान दिया है। सपा सांसद ने दावा किया कि भाजपा ने इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए 78 हजार फर्जी वोट डलवाए हैं। सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, "इस पूरे मामले को मैं लोकसभा में उजागर करूंगा। सपा सांसद ने कहा कि इस मामले को उठाया जाएगा। आगे रणनीति क्या होगी, इसका खुलासा नहीं किया जाता है। जो रणनीति बननी है, वह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद बनाएंगे।"

सपा सांसद ने आरोप लगाया कि जीत के लिए संवैधानिक मूल्यों को ताक पर रखा गया। उन्होंने आगे कहा, "इस उपचुनाव में जीत के लिए भाजपा ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान को रौंद दिया है। मर्यादा पुरूषोतम राम की मर्यादा को खत्म किया गया है। पीठासीन अधिकारियों द्वारा कम से कम 78 हजार वोट फर्जी डाले गए हैं। लोकतंत्र की हत्या की गई है। हम समाजवादी पार्टी के लोग संघर्ष करेंगे और जो संविधान का अपमान किया गया है, इसका खुलासा करेंगे।" बता दें कि मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी अजीत प्रसाद को भाजपा के चंद्रभानु पासवान ने 61 हजार से भी ज्यादा मतों से शिकस्त दी है। इस हार के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट डाला। उन्होंने दावा किया कि ये जीत झूठी है।

पोस्ट में उन्होंने लिखा, "पीडीए की बढ़ती शक्ति का सामना भाजपा वोट के बल पर नहीं कर सकती है, इसलिए वो चुनावी तंत्र का दुरुपयोग करके जीतने की कोशिश करती है। ऐसी चुनावी धांधली करने के लिए जिस स्तर पर अधिकारियों की हेराफेरी करनी होती है, वो 1 विधानसभा में तो भले किसी तरह संभव है, लेकिन 403 विधानसभाओं में ये ‘चार सौ बीसी’ नहीं चलेगी। इस बात को भाजपावाले भी जानते हैं, इसीलिए भाजपाइयों ने मिल्कीपुर का उपचुनाव टाला था। पीडीए मतलब 90 प्रतिशत जनता ने खुद अपनी आंखों से ये धांधली देखी है। ये झूठी जीत है, जिसका जश्न भाजपाई कभी भी आईने में अपनी आंखों में आंखें डालकर नहीं मना पाएंगे। उनका अपराधबोध और भविष्य में हार का डर उनकी नींद उड़ा देगा। जिन अधिकारियों ने चुनावी घपलेबाजी का अपराध किया है, वो आज नहीं तो कल अपने लोकतांत्रिक अपराध की सजा पाएंगे। एक-एक करके सबका सच सामने आएगा। न कुदरत उन्हें बख्शेगी, न कानून। भाजपाई उनका इस्तेमाल करके छोड़ देंगे, उनकी ढाल नहीं बनेंगे। जब उनकी नौकरी और पेंशन जाएगी, तो वो अपने बच्चों, परिवार और समाज के बीच अपमान की जिंदगी की सजा अकेले भुगतेंगे। लोकसभा चुनावों में अयोध्या में हुई पीडीए की सच्ची जीत, उनके मिल्कीपुर के विधानसभा की झूठी जीत पर कई गुना भारी है और हमेशा रहेगी।"