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जल्द ही दुनिया की दूसरी बड़ी एयरक्राफ्ट कंपनी होगी एंब्रेयर

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लंदन
अजरबैजान एयरलाइंस का एक विमान कजाखस्तान में हादसे का शिकार हुआ। इसमें 38 यात्रियों की मौत हुई, जबकि 29 लोग घायल हो गए। यह विमान बाकू से रूस के ग्रोज्नी जा रहा था। विमान में कुल 62 यात्री और पांच क्रू मेंबर चालक दल के सदस्य थे। विमान के पक्षियों के झुंड के टकराने के कारण पायलट को एमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लेना पड़ा। इस दौरान विमान में आग लग गई और वह दो टुकड़ों में टूट गया। विमान से दो बच्चों सहित 29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

कजाखस्तान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ अजरबैजान एयरलाइंस का विमान एंब्रेयर कंपनी का था। यह कंपनी का ईआरजे-190 विमान था जो 11 साल पुराना था। जब भी एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनियों की चर्चा होती हैं, तब सबके जेहन में बोइंग और एयरबस का नाम आता है। बोइंग अमेरिका की कंपनी है, जबकि एयरबस यूरोपीय। लेकिन हाल के वर्षों में ब्राजील की एक कंपनी ने बोइंग और एयरबस से लोहा ले रही है। इस कंपनी का नाम एंब्रेयर है। हाल के वर्षों में बोइंग के विमानों के साथ कई तरह की समस्याएं आई हैं। इस कारण एंब्रेयर को अपना मार्केट बढ़ाने का मौका मिला है।

बताया जा रहा हैं कि जल्दी ही यह बोइंग को पछाड़कर दुनिया की दूसरी बड़ी एयरक्राफ्ट मेकर कंपनी बनेगी। इसकी वजह यह है कि अमेरिका की कई बड़ी एयरलाइन कंपनियां भी अब एंब्रेयर के विमान खरीद रही है। इतना ही नहीं सिंगापुर एयरलाइन सहित दुनियाभर की कई एयरलाइंस भी एंब्रेयर के विमानों पर दांव लगा रही हैं। भारतीय वायु सेना को मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की आपूर्ति के लिए एंब्रेयर ने इस साल फरवरी में महिंद्रा से हाथ मिलाया था। अभी भारतीय एयरलाइन कंपनियों, चार्टर्ड कंपनियों और डिफेंस फोर्सेज के पास 44 एंब्रेयर विमान हैं।
कंपनी भारत में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए मोदी सरकार और दिग्गज कंपनियों से बातचीत कर रही है। इसकी वजह यह है कि देश में अगले कुछ वर्षों में विमानों को मांग में काफी तेजी आने की उम्मीद है।