Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

स्कूल शिक्षा विभाग की छात्रवृत्ति योजना में 14 दिसंबर को पहले चरण में 60 लाख विद्यार्थियों को 332 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जायेगी

34
Tour And Travels

भोपाल

स्कूल शिक्षा विभाग की समेकित छात्रवृत्ति योजना में 14 दिसंबर को पहले चरण में 60 लाख विद्यार्थियों को 332 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक से सीधे विद्यार्थियों के बैंक अकाउंट में अंतरित की जायेगी। प्रदेश में समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना लागू की गई है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। जिन विभागों की छात्रवृत्ति अंतरित की जायेगी, उनमें स्कूल शिक्षा के अलावा अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग शामिल है।

समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को वर्तमान में 6 विभागों की लगभग 20 प्रकार की छात्रवृत्ति शिक्षा पोर्टल के माध्यम से स्वीकृत की जा रही है। छात्रवृत्ति योजना में प्रत्येक विद्यार्थी का नाम समग्र यूनिक आईडी के आधार पर उसके स्कूल के कोड के साथ मेपिंग कर कक्षावार, स्कूलवार नामांकन ऑनलाइन किये जाने सिस्टम शिक्षा पोर्टल एनआईसी के माध्यम से तैयार कराया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग की 7 प्रकार की छात्रवृत्ति सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति शामिल है।

अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था

प्रदेश के शासकीय स्कूलों में नियमित शिक्षक की उपलब्धता न होने पर शैक्षणिक व्यवस्था के संचालन के लिये अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में अधिकतर विद्यालयों में पूर्व से कार्यरत एवं शाला विकल्प चयन के माध्यम से अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जा चुकी है। दिसम्बर माह में होने वाली रिक्तियों पर अतिथि शिक्षक की व्यवस्था के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किये है।

अतिथि शिक्षक की व्यवस्था के लिये जीएफएमएस पोर्टल पर शाला प्रभारी के लॉगइन पर विकासखण्ड पेनल की मेरिट सूची उपलब्ध कराई गई है। इस सूची के आधार पर अतिथि शिक्षकों के आवेदन को प्राथमिकता के आधार पर उसी विद्यालय आमंत्रित किया जा सकेगा।