Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

कोर्ट की चेतावनी यदि 14 अक्टूबर तक आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं किया तो अनावेदक अधिकारी अवमानना कार्रवाई के लिए तैयार रहें

36
Tour And Travels

 जबलपुर
 मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल ने अवमानना प्रकरण पर सुनवाई करते हुए ओपन-कोर्ट में अपनी तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी छह माह में भी आदेश का पालन नहीं करा सकते तो पद से त्यागपत्र दे दें।

कोर्ट ने यह कटाक्ष गृह विभाग के तत्कालीन एसीएस और वर्तमान में जीएडी के एसीएस संजय दुबे पर किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 14 अक्टूबर तक आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो अनावेदक अधिकारी अवमानना कार्रवाई के लिए तैयार रहें। यदि उन्हें आदेश अनुचित लगे तो अपील करने स्वतंत्र होंगे। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को नियत की गई है।

ऑर्डर शीट अभी नहीं आई

अवमानना याचिकाकर्ता पुलिस अधिकारी विजय पुंज की ओर से अधिवक्ता मनोज चंसोरिया ने पक्ष रखा। उन्होंने अवगत कराया कि फिलहाल इस मामले की ऑर्डर-शीट बाहर नहीं आई है। किंतु ओपन कोर्ट में जताई गई नाराजगी उल्लेखनीय है।
पदोन्नति का लिफाफा खोलकर लाभ प्रदान किया जाए

कोर्ट ने मौखिक आदेश में साफ कर दिया है कि अवमानना याचिकाकर्ता की पदोन्नति का लिफाफा खोलकर लाभ प्रदान किया जाए। दरअसल, हाई कोर्ट ने मार्च में पुंज की याचिका पर सुनवाई करते हुए राहतकारी आदेश पारित किया था।

कैबिनेट से समन्वय नहीं बना पाए

लेकिन छह माह बीतने के बावजूद राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता यह तर्क दे रहे हैं कि मामले में कैबिनेट से समन्वय किया जाना है इसलिए देरी हो रही है। इस दलील को गंभीरता से लेकर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी कर दी कि ऐसे अधिकारी को इस्तीफा दे देना चाहिए जो छह माह बीतने के बावजूद कैबिनेट से समन्वय नहीं बना पाए हैं।

31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहा अवमानना याचिकाकर्ता

अधिवक्ता मनोज चंसोरिया ने अवगत कराया कि अवमानना याचिकाकर्ता पुंज इसी वर्ष 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लिहाजा, राज्य शासन के वकील की ओर से एक माह की मोहलत मांगना बेमानी है।

यह सुनते ही कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता से पूछा आप कारण बताइए कि क्यों आपके अधिकारी सेवानिवृत्ति की कगार पर पहुंच चुके अवमानना याचिकाकर्ता के प्रकरण में लिफाफा खोलकर पदोन्नति का लाभ नहीं दे रहे हैं।