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पिछड़ा वर्ग के जाति-समूहों पर शोध अध्ययन हो तो शोधार्थी 30 सितम्बर तक आयोग को कर सकते हैं प्रस्तुत

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रायपुर,

छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग द्वारा प्रदेश में पिछड़ा वर्ग समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए उनके आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनैतिक भागीदारी पर अध्ययन करने का निर्णय लिया गया है। आयोग अध्यक्ष आर.एस. विश्वकर्मा की अध्यक्षता में 12 अगस्त 2024 में सर्वे का काम प्रारंभ हो गया है। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग में शामिल जाति-समूह के संदर्भ में यदि कोई शोध अध्ययन करना चाहते हो तो ऐसे शोधार्थी 30 सितम्बर तक आयोग को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछड़ा वर्ग समुदाय के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया है। इस आशय के अधिसूचना छत्तीसगढ़ राजपत्र में 27 जून 2020 को प्रकाशित भी की गई है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग में कुल 87 जाति समूह को शामिल किया गया है, जिसकी सूची छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की वेबसाईट ूूूण्बहवइबण्बवउ में उपलब्ध है। शासन द्वारा आयोग के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए श्री आर.एस. विश्वकर्मा को अध्यक्ष, श्री निलाम्बर नायक, श्री हरिशंकर यादव, श्री यशवंत वर्मा, श्री कृष्णा गुप्ता, श्रीमती शैलेन्द्री परगनिहा को सदस्य मनोनीत किया है। आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर आयोग द्वारा राज्य शासन को उक्त अधिसूचना के क्रमांक 02 अंतर्गत पिछड़ा वर्ग समूहों के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनैतिक सहित अन्य विषयों पर अध्ययन कर शासन को सुझाव प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया है।

आयोग द्वारा बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रदेश में पिछड़े वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति का अध्ययन, शासन के विभिन्न विभागो की संरचना एवं योजनाओं में पिछड़े वर्ग की भागीदारी की वर्तमान स्थिति का अध्ययन कर रिपोर्ट शासन को सौंपा जाएगा।

इसी प्रकार राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं में पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को मिल रहे लामो का अध्ययन। राज्य में पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का आंकलन तथा इसमें वृध्दि की उपाय, राज्य में पिछड़े वर्ग की युवाओं हेतु कौशल उन्नयन कार्यकमों तथा प्रशिक्षण के संचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा। पिछड़े वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक कल्याण हेतु अन्य उपाय तथा अनुशंसा भी की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में अध्ययन कर रिपोर्ट से राज्य शासन को अवगत कराया जाएगा।