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राष्ट्रीय कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस शिविर 2024 में भाग लेने के लिए पहली बार पूर्वोत्तर से बालिकाओं का ही एक पूर्ण बैंड हुआ शामिल

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नई दिल्ली, 4जनवरी। पूर्वोत्तर की 45 बालिकाओं वाला एक बैंड पहली बार राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर 2024 में भाग ले रहा है। इसमें 13-15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियां शामिल हैं, जो पूर्वोत्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती हैं और देश के हर कोने तक राष्ट्रीय कैडेट कोर की पहुंच का प्रदर्शन करती हैं।

राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने दिल्ली कैंट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश भर से 907 लड़कियों की अधिकतम भागीदारी सहित कुल 2,274 कैडेट एक महीने तक चलने वाले इस शिविर में भाग ले रहे हैं। इन कैडेटों में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के 122 कैडेटों के साथ-साथ पूर्वोत्तर के 177 कैडेट भी शामिल हैं। इन सभी के अलावा, यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (वाईईपी) के तहत 25 मित्र देशों के कैडेट तथा अधिकारी भी इस शिविर में भाग लेंगे।

राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि गणतंत्र दिवस शिविर का उद्देश्य कैडेटों को राष्ट्र की समृद्ध परंपराओं से परिचित कराना और कैडेटों की मूल्यगत प्रणाली को सशक्त बनाना है। यह शिविर राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देगा और सांस्कृतिक विचारों के आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से विविधता में एकता को भी विस्तार देगा। माननीय उपराष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस शिविर का दौरा करेंगे।

लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने वर्ष 2023 में एनसीसी द्वारा आयोजित की गईं प्रमुख गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 39 बार एक भारत श्रेष्ठ भारत शिविर आयोजित किए गए, जिनमें दो वाइब्रेंट विलेज एरिया कैंप, तीन डीआरडीओ कैंप और एक एयरोस्पेस कैंप भी शामिल हैं। मेगासाइक्लोथॉन, नारी वनधन दौड़ और खेल आयोजनों में असाधारण प्रदर्शन, पर्वतारोहण अभियान तथा जी20 के आयोजनों में राष्ट्रीय कैडेट कोर की उपस्थिति ऐसी अन्य उपलब्धियां थीं।

राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक ने इस बात पर बल दिया कि युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं को समायोजित करने के लिए कैडेटों के प्रशिक्षण दर्शन को परिष्कृत किया गया है। उन्होंने बताया कि अब पूरा ध्यान व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व गुणों को बढ़ावा देने और कैडेटों के अकुशल कौशल में सुधार करके उन्हें उनकी भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर है। लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने यह भी कहा कि उनका विचार कैडेटों को बेहतर नागरिक बनाने और उनमें राष्ट्र प्रथम की भावना उत्पन्न करने का है।