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मणिपुर: राज्यपाल अनुसुईया उइके ने इंटर स्टेट ट्रक टर्मिनस खुरकुल में मणिपुर हिंसा प्रभावितों के लिये निर्मित प्री फैब्रीकेटेड हाउस का किया शुभारंभ

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इम्फाल, 17 अक्टूबर। मणिपुर राज्यपाल अनुसुईया उइके  द्वारा इंटर स्टेट ट्रक टर्मिनस खुरकुल में मणिपुर हिंसा प्रभावितों के लिये निर्मित प्री फैब्रीकेटेड हाउस का शुभारंभ किया और आयोजित कार्यक्रम में पीड़ितों को संबोधित भी किया। साथ ही उन्होंने फायेन्ग हाईस्कूल में स्थापित रिलीफ कैम्प का भी प्रवास किया।

दोनों शिविरों में राज्यपाल ने रह रहे पीड़ितों से बात की और उनको राहत सामग्री जिसमें जम्बो बाक्स, ब्लेकेंट, हाईजिन किट, किचन शेड, मस्केटों नेट इत्यादि वितरित किये। साथ नव प्रसूती एवं प्रेगनेन्ट महिलाओं को राजभवन की ओर से नकद राशि भी प्रदान की। बच्चों को बिस्किट, चाकलेट एवं अन्य पेय पदार्थ वितरित किये।

राहत शिविरों में निर्मित आवास का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधा एवं निर्मित आवासों को देखा। कैम्प में रहने वालों से पूछा की यदि आपको कोई समस्या हो, कोई सुविधा नहीं मिल रही हो तो कृपया मुझे बताएं। पीड़ितों ने बताया कि लगभग सभी सुविधाएं मिल रही हैं। केवल दवाईयों की कमी हैं। राज्यपाल ने डी.एम.को व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में बताया कि विगत दिनों जून में दिल्ली में रेडक्रास समिति की राष्ट्रीय बैठक में उन्होंने राष्ट्रपति से मणिपुर में यहॉं की स्थिति को देखते हुए अधिक राहत सामग्री भेजने का अनुरोध किया था जिसपर स्वास्थ्य मंत्री को राष्ट्रपति जी के द्वारा अधिक से अधिक सामग्री मणिपुर भेजने के लिये निर्देशित किया गया था और परिणाम स्वरूप वितरित की जा रही सामग्री रेडक्रास सोसायटी मणिपुर को प्राप्त हुई है।

राज्यपाल ने बताया कि हिंसा पीड़ित जिनके आवास पूरी तरह से नष्ट हो गये हैं उन्हें आवास के अनुसार अर्थात पक्का, अर्धपक्का एवं कच्चा मकान के लिये अलग अलग 10-7-5 लाख रूपये सहायता दी जायेगी। भारत सरकार एवं मणिपुर सरकार द्वारा प्रदेश में शांति स्थापना, आपको अपने घरों में वापिस भेजने के लिये पूरा प्रयास कर रही हैं। सरकार ने आपके घरों, संपत्ति, मंदिरों पर अवैध कब्जा करने वालों पर कठोर कार्यवाही करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया है।

सरकार को मैंने बच्चों की शिक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, आपके नष्ट हुए दस्तावेजों का बनाने और प्रदेश में आपकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। अब हम सभी को मिलकर प्रदेश से नफरत और हिंसा को समाप्त करना है। मैंने दोनों पक्षों अर्थात कुकी एवं मैतैई शिविरों का प्रवास किया है, सभी शांति स्थापित कर अपने अपने घरों को जाना चाहते हैं। आप सभी धैर्य रखें और शांति और सदभाव स्थापित करने के लिये सहयोग करें। मणिपुर की संस्कृति सदभाव, एकता, सौहार्द की संस्कृति रही है जिसके अनुसार अब हमें प्रदेश में विकास के लिये शांति सदभाव स्थापित करना है जो कि आपके सहयोग के बिना सभीव नहीं हो सकता है। इसलिये सभी सहयोग करें।